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 देहरादून

दैवीय आपदा के कारण देश से कट चुके उत्तरकाशी के 17 गांवों तक अभी पहुंच मार्ग नहीं बन पाए हैं। प्रमुख सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि इन गांवों तक कनेक्टिविटी बनाने में एक माह से अधिक समय लग जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगोत्री राजमार्ग दस दिन के अंदर खुल जाने की संभावना है। राज्य को चार हेलीकाप्टर मिल गए हैं, जिनसे प्रभावितों तथा यात्रियों को निकालने का काम शुरू हो गया है।
सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रमुख सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि जिन प्रभावितों के घर टूट गए हैं, उनके बारे में लेकर शीघ्र ही शासन स्तर पर नीतिगत निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगोत्री तथा यमुनोत्री मार्ग पर फंसे सभी यात्रियों को कल तक पूरी तरह से निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हेलीकाप्टर से प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न के पैकेट ड्राप किए गए हैं। आज चार मीट्रिक टन खाद्य सामग्री ड्राप की गई, जिसमें बिस्कुट, रस, डबल रोटी, चाय, चीनी आदि शामिल है।
उन्होंने कहा कि गंगोरी में अभी लोगों को आरपार जाने के लिए ट्राली से काम चलाया जा रहा है। वैली ब्रिज बनाने का काम चल रहा है। वैली ब्रिज बनाने के लिए एक पेट्रोल पंप तथा दो मकानों का अधिग्रहण करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कुल पांच हजार परिवार आपदा से प्रभावित हुए हैं। गंगोरी, संगमचट्टी तथा भटवाड़ी में सबसे अधिक स्थिति खराब है। उत्तरकाशी के लिए 20800 लीटर मिट्टीतेल मंजूर किया गया है। एक टेंकर उत्तरकाशी पहुंच गया है।
प्रभावित क्षेत्रों में ग्यारह चिकित्सा राहत पोस्ट स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक पोस्ट पर एक डाक्टर, एक फार्मासिस्ट, दो स्वयं सेवी होंगे। चिकित्सा विभाग ने एक सचल दल देहरादून से भेजा है। एनडीआरएफ की 50 सदस्यीय टीम उत्तरकाशी पहुंच गई है। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ डिजास्टर मेनेजमेंट का चार सदस्यीय दल जल्दी पहुंच जाएगा, जो आपदा के कारणों का अध्ययन करेगा


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