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चमोली। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली मां श्री नंदादेवी राज राजेश्वरी की लोकजात का कार्यक्रम नंदाक परगणा बधाण घोषित कर दिया गया है। सिद्धपीठ कुरुड़ से 10 सितंबर से शुरू होने वाली मां श्रीनंदा की लोकजात 29 सितंबर को देवराड़ा मंदिर पहुंचने पर संपन्न होगी।
श्री नंदादेवी राज राजेश्वरी कुरुड़ मंदिर समिति अध्यक्ष मंशाराम गौड़ ने बताया कि श्रीनंदा की लोकजात 10 सितंबर को कुरुड़ सिद्धपीठ से शुरू होगी। 8 सितम्बर से 10 सितम्बर तक तीन दिवसीय भव्य मेला होगा। कुरुड़ मंदिर से मां नंदा की डोली को लोकजात के लिए भक्ति एवं भावुकता के साथ विदाई दी जाएगी। लोकजात विभिन्न गांवों का भ्रमण करते हुए 20 सितंबर को वांण गांव पहुंचेगी, जहां मां नंदा के धर्म भाई लाटू देवता की पूजा की जाएगी। 21 सितंबर को रणकधार से गैरोली पातल और 22 सितंबर को नंदासप्तमी के दिन लोकजात अपने अंतिम पड़ाव विश्वविख्यात वैदनी कुंड पहुंचेगी। यहां धार्मिक अनुष्ठान से लोकजात मनाई जाएगी। इसी दिन देवी की डोली की वापसी होगी जो रात्रि विश्राम को वांण गांव पहुंचेगी। वापसी में कई गांवों का भ्रमण करते हुए मां श्रीनंदा की डोली 29 सितंबर को अपने ननिहाल देवराड़ा गांव पहुंचेगी। यहां देवी की डोली छह माह तक प्रवास करती है।


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