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चमोली (Chamoli) जिले के सतोपंथ ग्लेशियर से निकलती अलकनन्दा नदी गंगा की प्रमुख सहायक नदी हैं। गंगोत्री में गंगा को भागीरथी के नाम से जाना जाता है, केदारनाथ में मंदाकिनी और बद्रीनाथ में "अलकनन्दा"। गंगा के पानी में Alaknanda का योगदान भागीरथी से अधिक है।

देव प्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी का संगम होता है और इसके बाद अलकनंदा नाम समाप्त होकर केवल गंगा नाम रह जाता है। विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल बद्रीनाथ,
 पांचो प्रयाग, प्रसिद्ध माँ धारी देवी मंदिर सहित कई प्रमुख स्थान अलकनंदा नदी के तट पर ही बसे हैं ।

चमोली जिले के अंतिम गाँव- माणा के समीप केशवप्रयाग स्थान पर यह सरस्वती नदी से मिलती है।
अलकनंदा की पाँच सहायक नदियाँ हैं जो गढ़वाल क्षेत्र में पाँच अलग अलग स्थानों पर अलकनंदा से मिलकर पंच प्रयाग बनाती हैं।

-विष्णु प्रयाग जहाँ धौली गंगा-अलकनंदा से मिलती है।
-नंद प्रयाग जहाँ नंदाकिनी-अलकनंदा से मिलती है।
-कर्ण प्रयाग जहाँ पिंडर नदी -अलकनंदा से मिलती है।
-रूद्र प्रयाग जहाँ मंदाकिनी-अलकनंदा से मिलती है।
-देव प्रयाग जहाँ भागीरथी-अलकनंदा से मिलती है, और आगे चलकर गंगा कहलाती है.......
 


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