.

.

uttarakhandnews1.blogspot.in




THE BEAUTIFUL BHINGARADA--CHAMPAWAT -UTTARAKHAND..हमें अपने कर्मों के आधार पर ही सब मिलता है। फिर यह कहाँ की ईमानदारी है कि प्रभु से सुख-समृद्धि के लिए ही प्रार्थना करते रहें? उचित तो यह है कि हम अपनी प्रार्थना में कहें कि प्रभो! मुझसे अज्ञान और दुर्बलता वश जो भी पाप हुआ हो मैं उसका दुःखरूप पुल तुझसे माँगता हूँ, ताकि मेरा वह भोजज शीघ्र उतर जाए। मन में इस प्रकार की धारणा के बनने पर हमें कष्ट के आने पर वह शांति मिलेगी जो किसी का ऋण चुकाने पर होती है।


See More

 
Top