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आखिर क्यों लापता हो रहीं महिलाएं नई टिहरी। टिहरी जिले के पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो केवल रेगुलर पुलिस क्षेत्र में ही 152 महिलाएं घर की चाहरदिवारी छोड़ कर लापता हुई हैं। हालांकि पुलिस ने इनमें 116 को बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने जिन महिलाओं को बरामद किया है, उनमें ज्यादातर को परिजन अपने साथ ले जाने के लिए तैयार नहीं हुए। ऐसे में पुलिस के पास उन्हें नारी निकेतन भेजने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता है।
लापता महिलाओं में 16 वर्ष की किशोरियों से लेकर 40 साल की अधेड़ तक शामिल हैं। 80 शादीशुदा महिलाएं ऐसी है, जिनके पति रोजगार के लिए देश-विदेश में हैं। इनमें से 45 महिलाएं निरक्षर है। 26 महिलाएं मानसिक विक्षिप्तता के चलते गुमशुदा हुई है। पुलिस एवं सामाजिक संस्थाओं के मुताबिक प्रेम प्रसंग, घरेलू हिंसा, काम का बोझ, रोजगार के लिए देश-विदेशों में जाकर वर्षो तक घर नहीं आना आदि कारण हैं।
वर्ष गायब महिलाएं/युवतियां बरामद
2009 19 17
2010 38 33
2011 32 21
2012 28 24
2013 23 18
2014 मार्च तक 05 03
युवक-युवतियां के स्कूल-कालेजों में साथ पढ़ने के दौरान दोस्ती हो जाती है। जिसके कारण वह शादी के लिए तैयार होते हैं। लेकिन सामाजिक बंधनों के चलते वह इसमें सफल नहीं होते हैं। ऐसे में वह घर से भाग जाते हैं। महिलाओं के पीछे पारिवारिक कारण भी है। पुलिस की कई केसों में कोशिश रहती है कि दोनों पक्षों की राय बनाकर शादी हो जाए। -मुख्तार मोहसिन, पुलिस अधीक्षक।
गुमशुदा होने के लिए महिलाओं को ही दोष नहीं दिया जाना चाहिए। कई बार तो ससुराल पक्ष उन्हें प्रताड़ित करते हैं। महिलाएं शर्म के मारे मायके वालों को भी नहीं बताती है। महिलाओं पर होने वाली हिंसा का अंत होना चाहिए। -रीना पंवार, जिला समन्वयक महिला समाख्या।
कई केस ऐसे आए कि पुरुषों ने देश-विदेश में शादियां कर ली। उन महिलाओं के पालन पोषण का कोई जरिया नहीं बचा है। सास-ससुर प्रताड़ित करते हैं। जब तक महिलाओं के दुख दर्द कम नहीं होंगे, वह सुविधाओं की तलाश करेंगी। -बीना राणा, अधिवक्ता।
वापस नहीं लौटी लापता 39 महिलाएं
पौड़ी। जिले में पांच वर्षों में लापता हुई 156 महिलाओं में 39 का कोई पता नहीं चल पाया है।
जिले में रेगुलर पुलिस क्षेत्र में पांच साल में 156 महिलाएं लापता हुई हैं। घर लौटी महिलाओं कितनी अपने घरों में रही हैं और कितनी नारी निकेतन भेजी गई है इसके बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं है। पुलिस अधीक्षक अजय जोशी कहते हैं गुमशुदा महिलाओं पता लगाने के लिए पुलिस की तरफ से पूरे प्रयास किए जाते हैं। जिनमें से अधिकांश महिलाओं का सुराग लग जाता है। कुछ का पता नहीं चल पाता है।
पौड़ी जिले की लापता महिलाओं का ब्योरा
वर्ष गुमशुदा वापस
2009 25 21
2010 25 17
2011 28 22
2012 49 37
2013 19 15
2014 10 05
चमोली की 13 महिलाओं का नहीं मिला सुराग
गोपेश्वर। पिछले पांच वर्षों में चमोली जिले की लापता 13 महिलाओं का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सात महिलाओं के घर छोड़ने की वजह प्रेम प्रसंग तो पांच पारिवारिक कलह के कारण घर छोड़ने के लिए मजबूर हुई हैं। जबकि खोजबीन के बाद मिली एक महिला को पुलिस ने नारी निकेतन भेज दिया है। जिले में घाट ब्लॉक की सात महिलाएं लापता चल रही हैं। पांच वर्षों में जिले की 16 नाबालिग घर छोड़कर भाग गई थी। इनमें 13 अपने घर लौट आई थी। तीन अब भी लापता है। वर्ष 2009 में एक लापता महिला को पुलिस ने बरामद कर लिया था। उसे परिजनों के सुपुर्द भी कर लिया था। लेकिन दो दिन बाद महिला ने नदी में छलांग मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।
चमोली जिले की लापता महिलाओं की स्थिति
वर्ष लापता बरामदगी
महिला नाबालिग महिला नाबालिग
2009 12 2 9 2
2010 16 3 12 3
2011 18 4 14 2
2012 13 2 13 2
2013 8 4 5 3
2014 6 1 4 1(मई तक)
पुलिस की महिला हेल्प लाइन में महिलाएं पारिवारिक कलह और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कर सकती हैं। इसकी गहनता से जांच होती है और संबंधित महिला को न्याय दिलाया जाता है। महिलाओं को हेल्प लाइन का लाभ लेना चाहिए। महिलाओं को घर छोड़ने और आत्महत्या जैसे प्रयास नहीं करने चाहिए। - सुनील कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक, चमोली।
रेप होने के मामले भी आए सामने
रुद्रप्रयाग। पिछले पांच सालों मेें जिले से करीब 20 किशोरी और शादीशुदा महिलाओं की गुमशुदगी दर्ज हुई हैं। इनमें से 16 किशोरी/महिलाएं बरामद हो गई। इनमें से दो को महिला शरणालय भेजा गया। शेष को उनके मायके या परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
वर्ष 2010 में दो नाबालिगों की गुमशुदगी दर्ज हुई है। इनमें से एक किशोरी की बरामदगी के बाद भगाने वाले युवक पर बलात्कार का मामला भी दर्ज हुआ। इसी वर्ष एक शादीशुदा महिला फोन पर यूपी के एक युवक के संपर्क में आई और घर से लापता हो गई। बरामदगी के बाद युवक के खिलाफ बलात्कार और धमकी देने का केस दर्ज हुआ। महिला के पक्षद्रोह होने पर युवक दोषमुक्त हो गया। वर्ष 2011 में तीन किशोरियां लापता हुई। इनमें से एक का पता नहीं चला। जबकि दो का पता चल गया। एक किशोरी शादीशुदा मर्द के साथ बरामद हुई। वर्ष 2013 में आठ नाबालिग और महिलाओं की गुमशुदगी दर्ज हुई। वर्ष 2014 में अब तक दो नाबालिग लड़कियाें की गुमशुदगी दर्ज हुई। इनमें से एक को पुलिस ने बरामद कर लिया। दूसरी की तलाश जारी है।
उत्तरकाशी जिले में 24 का अब तक पता नहीं
उत्तरकाशी। राज्य गठन के बाद से अब तक पुलिस में महिलाओं की गुमशुदगी के 108 मामले दर्ज हुए। इनमें 84 की ही वापसी हुई, शेष 24 का आज तक कुछ पता नहीं चल पाया। इसमें नाबालिग लड़कियों की गुमशुदगी के 34 मामले हैं। इसमें 31 को घर वापस लाने में पुलिस को सफलता हासिल हुई।
अधेड़ उम्र की महिला गायब
कोटद्वार। अधेड़ उम्र की एक महिला मंगलवार से गायब है। परिजनों ने आसपास काफी तलाशा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी है।
कौड़िया क्षेत्र की करीब 45 वर्षीय महिला के गायब होने से परिजन परेशान हैं। महिला के तीन बच्चे हैं,


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