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हरीश रावत को दुर्घटना का पहले ही अहसास हो गया था

दुर्घटना को पूर्वाभाष होने के बाबजूद टाल नहीं पाये हरीश रावत

हवाई दुर्घटना में बालबाल बचे उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री हरीश रावत भले ही अब स्वस्थ है। परन्तु उनको इस दुर्घटना का पूर्वाभाष हो गया था। इसके बाबजूद वे इस दुर्घटना से बच नहीं पाये। हरीश रावत के साथ विमान में चल रहे उनके करीबी नेता हरपाल रावत के अनुसार 13 जून की सांयकाल जिस सरकारी विमान से देहरादून से दिल्ली जा रहे आ रहे थे। उसमें बैठते ही हरीश रावत ने पहले से विमान में बैठ चूके हरपाल रावत से आते ही कहा कि आप अपनी सीट से खडे हो जाओ। मुख्यमंत्री के इस आदेश से हरपाल रावत ने भी आश्चर्य भरे भाव से पालन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने ओएसडी प्रथम नंदन घुघत्याल को कहा आप अपनी सीट से खडे हो और बाहर जा कर फिर जहाज में सवार हो। उन्होंने भी आश्चर्य भरे मन से मुख्यमंत्री का आदेश का पालन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री खुद अपनी सीट पर बैठे। इस पूरे प्रकरण पर जब हरपाल रावत ने कुछ खास क्या बात है से प्रश्न किया तो मुख्यमंत्री ने उनको इसको कोई संतोषजनक उतर नहीं दिया। परन्तु जब यह दुर्घटना हो गयी तो तब हरपाल रावत व नंदन घुघत्याल सहित सभी सवारों को समझ में आया कि मुख्यमंत्री को इसका अंदेशा पहले से हो गया था। परन्तु वे इस दुर्घटना को नहीं टाल सके। कांग्रेसी नेता हरपाल रावत ने कहा कि ऐसा व्यवहार मुख्यमंत्री ने कभी पहले की हवाई यात्रा के समय नहीं किया था।
जब हरपाल रावत ने यह रहस्य, इस घटना 14 जून को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में इसी दुर्घटना के बाद दाखिल हुए हरीश रावत के खबर लेने आये कांग्रेसी नेता चंदनसिंह पयाल, राम प्रसाद भदूला, प्रेम कुमाऊनी व प्यारा उत्तराखण्ड के सम्पादक देवसिंह रावत के समक्ष इस प्रकरण को बयान करते हुए उजागर किया। इस पर प्यारा उत्तराखण्ड के सम्पादक देवसिंह रावत ने कहा कि गैरसेंण सहित उत्तराखण्ड के हक हकूकों के लिए ईमानदारी से पहल करने के पुण्य से मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बडी दुर्घटना का दंश मामुली बन कर कट गया है। उन्होंने कामना की कि हरीश रावत शीघ्र स्वस्थ्य हो कर प्रदेश की जनांकांक्षाओं को पूरा करने में पूरी ईमानदारी से कार्य करेंगे। इस दुर्घटना के समय मुख्यमंत्री के साथ सहयात्री रहे हरपाल रावत के अनुसार खराब मौसम की वजह से विमान ने जोर के कई झटके खाए, जिससे उनकी गर्दन की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया।
उनके अनुसार बादल टकराने की वजह से यह हादसा हुआ। उस समय मुख्यमंत्री ने बेल्ट नहीं बांधी थी इसलिए झटका लगने पर उनका सिर प्लेन की छत से टकराया और वह गिर पड़े। अभी उनका इलाज आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा है। चंद दिनों बाद वे स्वस्थ हो कर देहरादून में अपना दायित्व का निर्वाह करेंगे।


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