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देहरादून। उत्तराखण्ड क्रांति दल ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र चलाये जाने की ड्रामेबाजी को उत्तराखण्ड राज्य निवासियों की भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। दल ने कहा है कि हरीश रावत सरकार सरकारी धन की बर्बादी कर नेताओं/अफसरों को पहाड़ों मंे सैरसपाटा कराने जा रही है। लोकसभा चुनाव मंे हार के बाद हरीश सरकार का गैरसैंण प्रेम पूरी तरह से एक राजनीतिक स्टंट है। उत्तराखण्ड क्रांति दल के मीडिया प्रभारी मनमोहन लखेड़ा ने कहा कि शिलान्यास के एक साल बाद भी गैरसैंण मंे विधानसभा भवन का निर्माण न होना कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली को जगजाहिर करता है। दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी के कारण और दोहरे मापदण्ड अपनाये जाने की वजह से आज तक गैरसैंण प्रदेश की स्थायी राजधानी नहीं बनायी जा सकी। पहाड़ी जनता को बरगलाने के लिए कांग्रेस सरकार एक ओर गैरसैंण में विधानसभा भवन का शिलान्यास करती है तो दूसरी ओर रायपुर में विधानसभा, सचिवालय भवन के स्थायी निर्माण के लिए वन विभाग की सैकड़ों एकड़ जमीन का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेज चुकी है इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी बनाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार पहाड़ी जनता की हमदर्दी बटोरने के लिए टैंट मंे विधानसभा सत्र चलाने की ड्रामेबाजी कर रही है। इस ड्रामेबाजी में करोड़ांे रूपये के सरकारी धन की बर्बादी होना लाजिमी है। पिछले वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के द्वारा भी गैरसैंण में कैबिनेट बैठक और शिलान्यास के नाम पर करोड़़ों रूपये बर्बाद किये जा चुके हैं।


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