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गोपेश्वर। श्री नंदा देवी राजजात यात्रा की अगवानी करने वाले चौसिंग्या खाडू (चार सींगों वाली भेड़) का जन्म घाट ब्लॉक के सूंग गांव में हुआ है। मंगलवार रात्रि को मां नंदा के भाई द्यो सिंह के पश्वा सुतोल निवासी मेहरबान सिंह और मां नंदा के सिद्धपीठ कुरूड़ के पुजारी मुंशी चंद्र गौड़ को सपने में दिखा कि सूंग गांव के केदार सिंह की भेड़ों में से एक चौसिंग्या खाडू पैदा हुआ है। बुधवार को मेहरबान सिंह और मुंशी चंद्र सूंग गांव पहुंचे। यहां खोजबीन के बाद केदार सिंह की भेड़ों में चौसिंग्या खाडू की पहचान की गई। सिद्धपीठ कुरूड़ के पुजारी मंशाराम गौड़ ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के आधार पर चौसिंग्या खाडू के तिलक की तिथि शीघ्र तय कर ली जाएगी। श्री नंदा राजजात यात्रा आगामी 18 अगस्त से विभिन्न पड़ावों से होकर छह सितंबर को होगी।
चौसिंग्या खाडू की ये है मान्यता
धार्मिक मान्यता के अनुसार चौसिंग्या खाडू को मां नंदा का देव रथ माना जाता है। यह 12 वर्ष में नंदा देवी के मायके के क्षेत्र में पैदा होता है। खाडू की पीठ पर लादकर मां नंदा के सामान को कैलाश तक पहुंचाया जाता है। होमकुंड से खाडू को पूजा-अर्चना के बाद कैलाश को अकेले ही रवाना कर दिया जाता है, जिसका आज भी नंदा के भक्त परंपरा के रूप में निर्वहन कर रहे हैं।


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