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सभी भक्तजनो, मिञो को सादर नमस्कार हल्दृानी से वाया भीमताल भवाली पहुंच कर यहाँ से 11किमी की दूरी पर हैड़िया गॉव के निकट गोलजयू महाराज का भव्य मन्दिर है भवाली से सीधे वाहनों के माध्यम से उक्त स्थान पर पहुंचा जा सकता है यदि आप पैदल चलने के शौकीन है तथा प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना चाहते है तो भीमताल से विनायक नामक स्थान से भी प्राचीन पैदल मार्ग है जो लगभग साढे तीन किमी लंबा है पर खड़ी चडाई है प्राचीन पैदल मार्ग में भी गोलू देवता का भव्य छोटा मंदिर है यह मन्दिर पहाड़ की चोटी पर बांज के पेड़ों के बीच स्थित है, ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से मनौती मांगने जो भी घोड़ाखाल पहुंचते हैं गोलज्यू उसकी मनौती पूर्ण करते हैं। न्याय के देवता के रूप पूजे जाने वाले गोलज्यू पर आस्था रखने वाले उनके अनुयायी न्याय की आस लेकर मंदिर में अर्जियां टांग जाते हैं। जिसका प्रमाण मंदिर में टंगी हजारों अर्जियां हैं। न्याय की प्राप्ति होने पर वह घंटियां चढ़ाना नहीं भूलते। जिसके चलते घोड़ाखाल का गोलू मंदिर पर्यटकों के बीच घंटियों वाले मंदिर के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त कर रहा है जो लोगों की आस्था का प्रतीक भी है, इसलिए इन्हें नय्या का देवता भी कहा गया है!



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