.

.

uttarakhandnews1.com


उत्तराखंड फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं बल्कि यहाँ की लोक कला एवं गीत संगीत पर भी अंकुश के बादल मंडरा रहे हैं। मैं अपने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री जी से गुजारिश करना चाहूंगी की हमारी सरकार अपना एक निजी उत्तराखंडी भाषा का चैनल प्रस्तुत करें जिसमे उत्तराखंड भाषीय फिल्मो , गीतों एवं नाटकों का प्रस्तुतीकरण हो एवं उत्तराखंड में करोड़ों अरबों का व्यापार करने वाली कम्पनियों (बिस्कुट , साबुन ,तेल , दंतमंजन , आदि आदि ) ब्रैंडों के लिए तुगलकी फरमान जारी कर देना चाहिए की चैनल एवं कार्यक्रमों के लिए एक निर्धारित धनराशि की स्पॉन्सरशिप उन्हें देनी अनिवार्य होगी। क्यों की ये कंपनिया उत्तराखंड की जनता से अरबों का मुनाफा वसूलती हैं अगर सौ रुपये मुनाफे पर एक रूपया भी उन्हें हमारी संस्कृती को देना पड़ जाये तो भी उन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ सकता।
महाराष्ट्र की सरकार ने तो मराठी फिल्मों एवं कार्यक्रमों के लिए कई प्रकार के तुगलकी फरमान जारी कर दिए हैं| हमारी सरकार के पास सोयी हुई ये हिम्मत कब जागेगी । कृपया इस पोस्ट को शेयर जरूर करें ताकि यह पोस्ट हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी तक पहुँच सके।
प्रमिला चमोली


See More

 
Top