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आपदा के थपेड़े पहले भी झेले हैं भिलंगना ब्लाक
(घनसाली ) ने
देहरादून से करीब 200 किलोमीटर दूर भिलंगना ब्लाक (घनसाली ) के जसपुर गांव में बादल फटने से एक व्यक्ति शेर सिंह पवार की मृत्यु हो गई ।
भिलंगना ब्लाक पहले से ही बाढ़ और भूस्खलन, और बादल फटने की घटना से जूझता रहा है ।
अगुंडा,मेंढ़ ,मरवाड़ी गांव मे 1998 -99 में भारी नुकसान हुआ था। तब दो दर्जन लोगो की मृत्यु हुई थीं । मैं कमिशनर श्री सुभाष कुमार के साथ तब, 15 किलोमीटर पैदल अगुंडा गांव गया था । डीएम श्री उमाकांत पंवार, बूढाकेदार से पैदल मेढ़ गांव चले गए थे । अब कल रात
की यह घटना बताई जा रही है ।
मुख्यमंत्री श्री हरीश रावत के निर्देशन पर डीएम, एसपी गांव पहुंच गए हैं।और नुकसान का जायजा लेकर आपदा पीड़ितो की सुन रहे हैं । लेकिन वे नई टिहरी लौट जाएंगे, वहां, वही डर, और रात का मंजर ग्रामीणो को याद आएगा । लेकिन प्रकृति के आगे सब बेबस है । बस चांद पर जा रहे हमारी व्यवस्था,निरीह पीड़ितो को टाइम पर राहत और सुविधाए दें/मिले ।
लोग सहमे हुए हैं ।उनहे आपदा ने झकझोर दिया है । आपदा प्रबंधन का मुख्य सेंटर घनसाली बनाने की बात उठ पड़ी है । बेनाम सूत्र बताते हैं कि, सीएम रावत घनसाली में आपदा प्रबंधन केंद्र वहां भविष्य में जाकर खोल सकते हैं ।
टिहरी जनपद में यही क्षेत्र आपदा के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील है । इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है ।
फोटो बलबीर सिंह नेगी, पीआरओ,


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