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हरिद्वार:  23 जुलाई, 2015

योग गुरु रामदेव बाबा ने खुद को सायेंटिस्ट बाबा बताया है। ग्रामीण भारत से जोड़ने की एक सरकारी योजना में योग गुरु बाबा रामदेव के शामिल होने की बात सामने आई है। इस योजना के लिए योग्य नहीं होने के तर्क को खारिज करते हुए बाबा रामदेव ने कहा 'मैं एक सायेंटिस्ट बाबा हूं।' बाबा रामदेव ने बीजेपी पर लग रहे घोटालों के आरोपों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

जनवरी में 'उन्नत भारत योजना' से जुड़ी एक बैठक में आईआईटी के साथ मिलकर काम करने वाली संस्थाओं में बाबा रामदेव की पतंजलि पीठ के अलावा गायत्री परिवार, स्वामी संपूर्णानंद, स्वामी मुक्तानंद, स्वामी राजेंद्र दास, स्वामी विशुद्धानंद और वनवासी कल्याण आश्रम का नाम शामिल है जो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की आदिवासी शाखा है। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में बाबा रामदेव ने कहा, 'मैं एक किसान के घर पैदा हुआ हूं। हमने योग को सायेंस से जोड़कर ही सारा काम किया है। आप मुझसे बॉटनी, मेडिकल सायेंस के बारे में आराम से बात कर सकते हैं।'

रामदेव ने बताया कि उनकी कंपनी ने फसल को तैयार करने का एक अलग तरीका निकाला है जिसे वो किसानों के साथ साझा करने वाले हैं। जनवरी को हुई मीटिंग की रिपोर्ट में बताया गया है कि रामदेव ने सरकार के उन्नत भारत अभियान में दो सौ करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा था। इस बारे में रामदेव ने कहा, 'आप 200 करोड़ की बात कर रहे हैं, मैं तो किसानों की मदद में पहले से ही पांच सौ करोड़ खर्च कर चुका हूं।'

इससे पहले रामदेव के कुछ बयान अवैज्ञानिक होने की वजह से चर्चा में आते रहे हैं। उनके पास समलैंगिकता को 'दुरुस्त' करने का उपाय है, या फिर उनकी कंपनी के पास ऐसी दवाई है जो 'लड़का' पैदा होने की गारंटी देती है। रामदेव का कहना है कि उनके सारे काम काफी वैज्ञानिक, धर्मनिरपेक्ष और व्यापक सोच के साथ किए जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के पक्ष में अक्सर खुलकर बात करने वाले बाबा रामदेव ने सरकार की अब तक के प्रदर्शन पर कुछ कहना मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने कहा 'इस पर बाबाजी कुछ नहीं कहेंगे। घोटाले कभी और कहीं नहीं होने चाहिए। लेकिन जब तक कुछ साबित नहीं हो जाता, मैं कुछ भी बोलकर खुद को मुसीबत में नहीं डालना चाहता।'
Courtesy: नवभारत टाइम्स



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