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देहरादून:  23 जुलाई, 2015

आबकारी नीति में निजी शराब व्यवसायियों को फायदा पहुंचाने के लिए कथित सौदेबाजी वाला स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद उत्तराखंड बीजेपी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांगते हुए चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी इस सरकार का जब तक पतन नहीं हो जाता तब तक पार्टी पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन और आंदोलन करती रहेगी।

यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय भट्ट ने कहा कि सीडी में आबकारी सचिव मोहम्मद शाहिद, जो मुख्यमंत्री के भी सचिव हैं, निजी शराब व्यवसायियों से करोड़ों रुपये की कथित सौदेबाजी करते पकड़े गए हैं और ऐसे में मुख्यमंत्री रावत इसमें अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। तीरथ ने कहा, 'आबकारी विभाग मुख्यमंत्री के ही पास है और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मोहम्मद शाहिद आबकारी और मुख्यमंत्री दोनों के सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मेरा सीधा आरोप है कि शाहिद मुख्यमंत्री के कहने पर ही यह सौदेबाजी कर रहे होंगे और इसलिए नैतिक आधार पर उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं रह गया है।'

उन्होंने कहा कि इस स्टिंग ऑपरेशन के सामने आने के बाद अधिकारी को तो दंडित किया ही जाना चाहिये, लेकिन इस मामले में मुख्यमंत्री स्वयं भी उतने ही दोषी हैं. तीरथ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की नाक के नीचे भ्रष्टाचार हो रहा है और वह खुद भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं तथा कथित स्टिंग ऑपरेशन से देवभूमि शर्मसार हो गई है । विपक्ष के नेता अजय भट्ट ने दावा किया कि मुख्यमंत्री रावत के सचिवालय में स्थित चौथी मंजिल पर उनके सलाहकारों और जनसंपर्क अधिकारियों के रुप में ऐसे 26 लोग सक्रिय हैं जो पूरे समय सौदेबाजी में लगे रहते है।
Courtesy: नवभारत टाइम्स




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