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चम्पावत :  23 जुलाई, 2015

देश-दुनिया में लगातार बढ़ते जा रहे इंटरनेट फीवर से शायद ही कोई चीज अछूती रह गई है। अब इस खुमार से धार्मिक कर्मकांडी पंडित भी पीछे नहीं हैं।

वह ‘व्हाट्स एप’ के जरिये पंडिताई कर रहे हैं। वर्तमान में चल रहे सावन में पंडितजी को ‘व्हाट्स एप’ की उपयोगिता खासी लुभा रही है। सोशल मीडिया में भी ‘व्हाट्स एप’ छाया है।

सावन में आयोजित किए जा रहे विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान एवं महाशिवपुराण कथा में ‘व्हाट्स एप’ का जादू पंडितों के सिर चढ़कर बोल रहा है।

पुराणों के जानकार पंडित त्रिलोकीनाथ शास्त्री कहते हैं कि दरअसल सावन में पार्थिव पूजा, शिव स्तुति के दौरान भगवान शिव के सौ स्वरूपों की गणना या नाम तत्काल याद न आने, पूजा विधि में किसी विशेष कर्मकांड की जानकारी न होने पर ‘व्हाट्स एप’ में एक-दूसरे पूछकर लोग सहायता ले रहे है।
Courtesy: अमर उजाला



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