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uttarakhandnews1.com



देहरादून: 28 जुलाई, 2015

देश में सैन्य अफसरों की कमी को दूर करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने दस और सैनिकों स्कूलों की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। इनमें से तीन स्कूल उत्तर प्रदेश तथा एक उत्तराखंड में खुलेगा। राज्यों से जमीन आदि को लेकर जल्दी ही समझौते किए जाएंगे और मंत्रालय की कोशिश है कि अगले सत्र से इन स्कूलों को शुरू कराया जाए।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार उत्तर प्रदेश में तीन सैनिक स्कूल अमेठी, झांसी एवं मैनपुरी में मंजूर किए गए हैं। जबकि उत्तरखंड में रुद्रप्रयाग में एक सैनिक स्कूल खोला जाएगा। अभी उत्तराखंड में एक सैनिक स्कूल नैनीताल जिले के घोड़ाखाल नामक स्थान में है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी एक सैनिक स्कूल है।
राजस्थान के झुंझुनूं एवं अलवर, उड़ीसा के संबलपुर, मिजोरम के चिंगचिप, अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग तथा पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में एक-एक सैनिक स्कूल की स्थापना की जाएगी।

बता दें कि अभी देश में 25 सैनिक स्कूल चल रहे हैं। जिनमें कर्नाटक एवं राजस्थान में दो-दो सैनिक स्कूल चल रहे हैं। बिहार, झारखंड तथा हरियाणा में एक-एक सैनिक स्कूल चल रहे हैं। सैनिक स्कूलों में कक्षा छह से 12वीं तक की शिक्षा दी जाती है और सैन्य अकादमियों में प्रवेश परीक्षा के लिए छात्रों को तैयार किया जाता है। मोटे आकलन के अनुसार इन स्कूलों के करीब 20 फीसदी छात्र एनडीए एवं अन्य सैन्य परीक्षाओं में निकल रहे हैं। स्कूलों के लिए राज्य सरकार को जमीन देनी होती है तथा संचालन का खर्च रक्षा मंत्रालय उठाता है। जिस राज्य में स्कूल है, वहां के बच्चों के लिए करीब 66 फीसदी सीटें आरक्षित रहती हैं।
Courtesy: हिन्दुस्तान




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