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नैनीताल: 20 जुलाई, 2015

एंराज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिए जाने संबंधी शासनादेश को उत्तराखंड सरकार वापस लेने जा रही है।

अपर महाधिवक्ता ने इस संबंध में हाईकोर्ट को अवगत कराया है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में शासनादेश वापस लेने संबंधी दस्तावेज दाखिल करने के लिए 24 जुलाई की तिथि नियत की है।

न्यायमूर्ति आलोक सिंह व सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष सोमवार को मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी मनोज चौधरी व अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि सरकार की ओर से राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में दस प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए शासनादेश भी जारी किया गया है।

याचिकाकर्ताओं ने शासनादेश को चुनौती देते हुए कहा गया था कि यह जीओ संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है। इस पर अपर महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट को अवगत कराया कि इस संबंध में जारी शासनादेश को वापस लेने के लिए सरकार विचार कर रही है।

पक्षों की सुनवाई के बाद अपर महाधिवक्ता की ओर से दिए गए बयानों के आधार पर अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तिथि नियत की है।
Courtesy: अमर उजाला



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