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देहरादून :17 July, 2015

राड़ी खड्ड में एकाएक पानी का जल स्तर बढ़ गया था। देव दर्शन करने गए 15-20 लोगों में से कई खड्ड को पार कर चुके थे। खड्ड के दूसरी ओर धन्ना, उसकी पत्नी गुन्नी देवी, गोद में पांच वर्षीय बेटा और गुन्नी की बड़ी बहन कम्मो बचे थे।

खड्ड को पार करने के लिए उन्होंने किसी तरह हिम्मत जुटाई। तीनों एक दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ने लगे। पानी भी धीरे-धीरे कमर तक पहुंच चुका था।

करीब 15 मीटर चौड़े खड्ड को पार करते हुए गुन्नी देवी के कदम लड़खड़ाने लगे। यह देख धन्ना और कम्मो के भी डर गए। सभी को पानी का तेज बहाव धकेलने लगा।

यह नजारा दूसरे छोर पर खड़े बेबस ग्रामीणों के साथ ही 25 वर्षीय चमन पुत्र केसर सिंह भी देख रहा था। वह गांव में ही खेतीबाड़ी और ध्याड़ी मजदूरी करता है। चार जिंदगियों को बीच भंवर में डूबता देख उससे रहा नहीं गया।
Courtesy: अमर उजाला


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