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हरिद्वार : 4 अगस्त, 2015

पांच सीजीपीए से कम अंक लाने पर आईआईटी रुड़की से निकाले गए 72 छात्रों को बड़ी राहत मिली है। सोमवार को सीनेट की बैठक के बाद इन सभी छात्रों को वापस ले लिया गया है लेकिन इन छात्रों को ईयर बैक की सजा दी गई है। अब इन छात्रों को 10 अगस्त से पहले दाखिला लेना होगा।

आईआईटी रुड़की की तरफ से दो सेमेस्टर होने के बाद भी पांच सीजीपीए अंक हासिल नहीं कर पाने वाले 72 छात्रों को 15 जून को निकाल दिया था। इस संबंध में पत्रों के माध्यम से छात्रों के परिजनों को भी सूचना भिजवा दी गई थी। लेकिन अधिकांश छात्रों को इसकी जानकारी 20 जून के आसपास ही मिली। इसके बाद दो बार छात्रों ने मर्सी अपील की। छात्र-छात्राएं हाईकोर्ट की शरण में भी पहुंचे। लेकिन हर जगह से उन्हें मायूसी ही हाथ लगी।

उधर, कई छात्र लगातार विभिन्न डीन से मिलकर एक मौका और मांगते रहे। करीब 20 दिनों तक यह स्थिति चली। इस पर आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो.प्रदीप्त बनर्जी ने सोमवार को फिर से सीनेट की बैठक बुलाई। इस बैठक में निकाले गए छात्रों के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। दोपहर ढाई बजे करीब शुरू हुई सीनेट की बैठक शाम छह बजे तक चली। सूत्रों के अनुसार, सीनेट में छात्रों को एक मौका और देने के पक्ष में प्रोफेसरों की संख्या ज्यादा रही। इस पर सीनेट ने इन छात्रों को राहत देने का निर्णय लिया। लेकिन सजा के तौर पर उन्हें ईयर बैक दी गई। साथ ही छात्रों को इस नियमों के तहत ही इस साल भी पढ़ाई करनी होगी।

- आईआईटी रुड़की ने निकाले सभी छात्रों को वापस लेने का निर्णय लिया है। लेकिन उनके ऊपर पांच सीजीपीए का नियम लागू रहेगा। उन्हें हर क्लास में 75 प्रतिशत उपस्थिति रखनी होगी। आईआईटी की तरफ से रखी शर्तें स्वीकारने के बाद ही इन छात्रों को री-एडमिट किया जाएगा।’
- प्रशांत गर्ग, रजिस्ट्रार, आईआईटी, रुड़की
Courtesy: हिन्दुस्तान


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