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रुद्रप्रयाग : 19 अगस्त, 2015

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग देहरादून सर्किल केदारनाथ मंदिर में चल रहे सुधार और मरम्मत कार्य को इस सीजन में पूरा करने की बात कह रहा है।

हालांकि अब तक मंदिर के पूर्वी गेट पर आपदा में छिटके पत्थरों के स्थान पर 40 नए पत्थरों को लगाने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। आपदा के बाद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम चार बार केदारनाथ पहुंचकर वहां दो से तीन माह रह चुकी है।

25 से 35 सदस्यीय दल हर बार पहुंच रहा है। बावजूद इसके अब तक पश्चिमी गेट के टूटे दरवाजे के स्थान पर नया दरवाजा लगाने के सिवाय अन्य काम पूरे नहीं हो पाए हैं। मंदिर के पूर्वी गेट के पिलर पर 40 नए पत्थरों को लगाने में सबसे अधिक समय लग रहा है।

पश्चिमी गेट के निकट सीढ़ियों के निर्माण पर भी 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। जबकि केदारनाथ मंदिर के चारों तरफ सुरक्षा दीवार का निर्माण सहित परिसर के फर्श का सुधार जैसे बड़े काम होने शेष हैं। मंदिर के अंदर और बाहर की तरफ दीवारों की केमिकल से सफाई सहित सभा मंडप और गर्भ गृह में बिजली फिटिंग और एकजॉस फैन भी लगने हैं।

जिस गति से एएसआई केदारनाथ धाम में मरम्मत व सुधार कार्य कर रही है, उससे काम पूरा होने में वर्षों लग जाएंगे। यात्रा अब लगभग ढाई माह की रह गई है। ऐसे में इस सीजन में भी कार्यों का पूरा होना संभव नहीं है। प्रदेश सरकार और बीकेटीसी अध्यक्ष को भी इस संबंध में मैंने अवगत करा दिया है।
- शैलारानी रावत, विधायक केदारनाथ विधानसभा

हमारे काम का कोई पैमाना नहीं होता है। केदारनाथ में पूर्वी गेट के पिलर पर तराशे गए 40 नए पत्थरों को लगाने का काम लगभग पूरा होने वाला है। पश्चिमी गेट के समीप सीढ़ियां बन रही है। सुरक्षा दीवार, फ्लोरिंग सहित कुछ अन्य काम भी होने हैं।
- डॉ. वीके स्वर्णकार पुरातत्वविद, एएसआई देहरादून सर्किल
Courtesy: अमर उजाला


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