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हरिद्वार : 31 जुलाई, 2015

रुडकी के चुड़ियाला में चूड़ामणि देवी इंटर कॉलेज के परिसर में हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास का पिटारा खोल दिया गया। हरिद्वार जनपद के साथ-साथ पूरे प्रदेश के विकास की कई योजनाओं को हरी झंडी दी गई।

बैठक मुख्य रूप से ग्राम्य विकास पर केंद्रित रही। किसानों की बर्बाद फसल का मुआवजा देने के लिए 100 करोड़ और गन्ना भुगतान के लिए 32 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। इसके अलावा भी ग्रामीण विकास और कर्मचारियों के हितों में प्रदेश की कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

गुरुवार को दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई राज्य कैबिनेट की बैठक शाम करीब साढ़े छह बजे तक चली। बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत के अलावा सभी ग्यारह मंत्री भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बैठक विकास को समर्पित बताया। बैठक के बाद मुख्य सचिव एन रविशंकर और अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने कैबिनेट की फैसलों की जानकारी दी।

बताया कि फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए 100 करोड़ रुपए और गन्ना भुगतान के लिए 32 करोड़ रुपए चीनी मिलों को उपलब्ध कराएगी, ताकि किसानों का जल्द से जल्द भुगतान किया जा सके। तराई बीज निगम के किसानों के लिए करीब 10 करोड़ देने की घोषणा की गई है।

भगवानपुर का औद्योगिक क्षेत्र अब सिडकुल के अधीन रहेगा। नियोजित विकास के लिए यह निर्णय लिया गया है। यहां के औद्योगिक क्षेत्र को ड्रेनेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए 26 करोड़ रुपए जारी करने की घोषणा की हैं। क्षेत्र के विकास के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए सहारनपुर-देहरादून मार्ग पर बिहारीगढ़ के आसपास एक और औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

शहर और गांव के बीच विकास का अंतर दूर करने के लिए सरकार ने भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से पुरा योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। जिसमें केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी की तर्ज पर गांव में स्मार्ट क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। यह योजना डॉ. कलाम के ग्रामीण विकास के विजन को समर्पित की गई है।
Courtesy: अमर उजाला



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