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देहरादून : 4 अगस्त, 2015

उत्तराखंड में सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस पैसे-पैसे के लिए मोहताज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के खाते में इस समय चुनाव लड़ने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित न्यूनतम धनराशि का एक प्रतिशत पैसा भी नहीं है।

इसकी वजह पार्टी के मंत्रियों, विधायकों, दायित्वधारियों और कार्यकर्ताओं का पार्टी फंड में योगदान न करना है। पार्टी इन सभी से मानकों के हिसाब से पार्टी फंड में योगदान करने का आग्रह कर चुकी है, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। अब पार्टी पदाधिकारियों को चिंता रही है कि बिना फंड के 2017 में कैसे चुनाव लड़ा जाएगा।

कांग्रेस के नियमों के मुताबिक, इस समय प्रत्येक सांसद, मंत्रियों और विधायक को साल में एक बार एक माह का वेतन पार्टी फंड में देना होता है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) सदस्य को 600 रुपए और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) सदस्य को 300 रुपए प्रति वर्ष पार्टी फंड में देना होता है। लेकिन नियम होते हुए भी पार्टी फंड में पैसा नहीं पहुंच रहा है।

चुनाव तैयारी के लिए भी फंड की जरूरत होगी। जुलूस, सभा और अन्य कार्यक्रम कराने के लिए भी पैसे चाहिए। हाल ही में पार्टी के कोषाध्यक्ष ने सभी कांग्रेस सांसदों, विधायकों और अन्य प्रतिनिधियों को पत्र लिखकर एक माह का वेतन पार्टी फंड में देने का आग्रह किया था। लेकिन इस पर पार्टी को कोई रिस्पांस नहीं मिला है।
Courtesy: अमर उजाला




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