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हरिद्वार  : 4 अगस्त, 2015

एनसीआर में शराब और जमीनों के कारोबारी रहे सचिन दत्ता को अचानक महामंडलेश्वर बनाना निरंजनी अखाड़े को भारी पड़ा है। उनको महामंडलेश्वर सच्चिदानंद गिरि बनाने पर संत जगत भड़क गया है।

वरिष्ठ संतों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें यह पद धारण करवाने में हरिद्वार के एक संत की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

उनको इस पद पर बाघम्बरी पीठ प्रयाग और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि व हरिद्वार की दक्षिणकाली पीठाधीश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने एकाएक महामंडलेश्वर पद पर आसीन किया था। इस पर संत खेमा सख्त नाराज है।

दूसरी अखाड़ा परिषद के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदास ने दूरभाष पर बताया कि फर्जी संतों को नासिक और उज्जैन के कुंभ मेलों में सबक सिखाया जाएगा। एक शराब कारोबारी को जिस तरह अचानक महामंडलेश्वर बना दिया है, उससे समूचा संत जगत आहत है। सच्चिदानंद को संत जगत में कोई नहीं जानता।

हम पहले ही आसाराम, रामपाल आदि जैसे उन फर्जी संतों की सूची तैयार कर रहे हैं जिन्हें संत समाज से बहिष्कृत किया जाना है। ये सूची शीघ्र जारी होने वाली है।
Courtesy: अमर उजाला




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