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#uttarakhandnews
देहरादून: 23 अगस्त, 2015

उत्तराखंड सरकार अब निजी क्षेत्र में युवाओं के लिए करीब एक लाख रोजगार के अवसर पैदा करने की योजना बना रही है।

इसके तहत इस वित्तीय वर्ष में करीब 20 हजार उद्योग लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सरकारी तंत्र को तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बैंकों को फाइनेंस में लचीला रुख अपनाने को कहा गया है। इन उद्योगों की स्थापना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग नीति के तहत की जाएगी।

राज्य गठन के बाद से अब तक प्रदेश में करीब 30 हजार लघु और सूक्ष्म उद्यम स्थापित हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2014-15 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम क्षेत्र में 2726 उद्योग स्थापित हुए थे।

इस वर्ष अभी तक 1028 उद्योग स्थापित हो चुके हैं और करीब एक हजार उद्यमी आवेदन कर चुके हैं। अब सरकार को 18 हजार औद्योगिक इकाइयां और स्थापित करनी होंगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत की इस कोशिश को परवान चढ़ाने के लिए जनवरी 2015 में जारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग नीति (एमएसएमई) पर भरोसा किया जा रहा है।

हासिल हो सकता है लक्ष्य

उत्तराखंड में बैंकों की 2116 शाखाएं हैं। एक तिमाही में अगर एक शाखा दो उद्योग लगाने के लिए भी फाइनेंस करती है तो उद्योग लगाने का सरकार का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। वहीं, प्रदेश सरकार को उद्योगों की समस्याओं का जमीनी स्तर पर समाधान करना होगा।
- पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

एक नजर...
वर्ष 2000 तक प्रदेश में लघु उद्योगों की स्थिति
कुल संख्या - 14163
कुल रोजगार - 38509
पूंजी निवेश - 700 करोड़

वर्ष 2000 से वर्ष 2014 तक प्रदेश में लघु उद्योगों की स्थिति
कुल संख्या - 30265
रोजगार - 167912
पूंजी निवेश - 8117.13 करोड़

निर्माण क्षेत्र में....
सूक्ष्म उद्योग - 25 लाख तक
लघु उद्योग - 25 लाख रुपए से लेकर पांच करोड़ रुपए तक
मध्यम उद्योग - पांच करोड़ से 10 करोड़ तक

सेवा क्षेत्र में...
सूक्ष्म उद्योग - 10 लाख तक
लघु उद्योग - 10 लाख रुपए से लेकर दो करोड़ रुपए तक
मध्यम उद्योग - दो करोड़ से पांच करोड़ तक

मुख्यमंत्री की 20 हजार उद्योग लगाने की योजना को हर हाल में तय समय पर पूरा किया जाएगा। सरकार ने जनवरी 2015 में नई एमएसएमई नीति लागू की थी। जुलाई 2015 तक इस नीति के तहत करीब 500 करोड़ रुपए के पूंजी निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इनमें फार्मा, आईटी, इलेक्ट्रानिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, रेडीमेड कपडे़, आयुर्वेदिक दवाएं, मिनरल वाटर तथा होटल क्षेत्र प्रमुख हैं।
- हरीश चंद्र दुर्गापाल, श्रम एवं लघु उद्योग मंत्री
Courtesy: अमर उजाला


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