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#uttarakhandnews
देहरादून: 20 अगस्त, 2015
हजारों वर्ष पहले जिस वट वृक्ष के नीचे भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) संभाल रहा है।

ज्योतिसर, कुरुक्षेत्र में स्थित इस वट वृक्ष के ट्रीटमेंट की सारी प्रक्रिया विज्ञानियों ने पूरी कर ली है। अब विज्ञानियों ने इस वट वृक्ष की एक शाखा उत्तराखंड में स्थापित करने का इरादा जताया है। पौराणिक महत्व के इस वट वृक्ष की यहां स्थापना होने के बाद चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी इसके दर्शन कर सकेंगे।

जिस प्रजाति (फाइसस बेंगालेंसिस) का यह वट वृक्ष है उस प्रजाति के कुछ बरगद उत्तराखंड में भी हैं, ऐसे में कुरुक्षेत्र से लाई जाने वाली शाखा यहां आसानी से तैयार हो जाएगी। महाभारत काल से जुड़ने के कारण इस वट वृक्ष का विशेष पौराणिक महत्व है।
Courtesy: अमर उजाला


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