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#uttarakhandnews
देहरादून : 13 अगस्त, 2015

करोड़ों के घाटे में चल रहा उत्तराखंड परिवहन निगम मेडिकल ग्राउंड बनाकर ड्यूटी दिए बिना पदों पर जमे 186 कर्मचारियों से गोल्डन हैंड शेक कर गुड बाय कहेगा।

गोल्डन हैंड शेक स्कीम स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना का बेहतर विकल्प है जिसमें तमाम रिटायरमेंट सुविधाओं के साथ कर्मचारी की सेवाएं समाप्त की जाती है। निगम के निदेशक मंडल ने शारीरिक तौर पर अक्षम होने के बावजूद सेवाओं पर बने हुए कर्मचारियों के लिए इसे लागू करने का निर्णय किया है।

उत्तराखंड परिवहन निगम का वार्षिक खर्चा लगभग 470 करोड़ है जबकि बसों के संचालन व अन्य आय संसाधनों से 420 करोड़ की आय होती है। आय और खर्च के बीच लगातार फासला बढ़ रहा है तीन वर्ष पहले यह घाटा 25 करोड़ था जो अब दोगुना पहुंच गया है।

जिसमें लगभग सात हजार कर्मचारियों के वेतन भत्तों पर सर्वाधिक खर्चा है। अक्षम कर्मचारियों में कुछ एक ऐसे भी हैं जो नियमित ड्यूटी से बचने के लिए मेडिकल का सहारा ले रहे हैं। साथ ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) को अपनाने से बचते हैं।
Courtesy: अमर उजाला



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