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#uttarakhandnews
देहरादून : 17 अगस्त, 2015

उत्तराखंड कृषि विभाग में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। मामला करीब दो साल पहले का है। हद यह रही कि चकराता ब्लॉक में विभाग की ओर से राष्ट्रीय जलागम योजना के तहत कराए गए कार्यों में शिक्षकों को मजदूर दिखा दिया गया।

इसके अलावा मस्टरोल (किए गए काम में दैनिक श्रमिकों के कार्य, समय और उनकी संख्या को दर्शाना) में भी गड़बड़ी सामने आई है। मस्टरोल में जिन मजदूरों के नाम शामिल हैं, उनमें से अधिकतर गांव में रहते ही नहीं। चकराता निवासी आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष जोशी की शिकायत पर वर्ष 2013 में एसडीएम चकराता की जांच में अधिकतर शिकायतें सही पाई गईं।

इसके बावजूद प्रकरण में दोषियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब यह खुलासा दून निवासी की ओर से आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना से हुआ है। दून निवासी ने एसडीएम की जांच रिपोर्ट आरटीआई में मांगी थी। अब उन्होंने इस मामले में कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
Courtesy: अमर उजाला


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