.

.







#uttarakhandnews
लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के जन्मदिन पर "उत्तराखंड की लोकभाषाओं पर संकट" विषय पर परिचर्या में भाग लेने पहुंचे बुद्धिजीवी ...जन्मदिन की शुभकामना देने डोईवाला विधान सभा क्षेत्र के विधायक व पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट व भाजपा मजदूर मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष कविन्द्र इष्टवाल सहित लगा गणमान्य व्यक्तियों का तांता..शांय 6 बजे से है रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम..!
लोक सम्मान समिति द्वारा आयोजित कालजयी रचनाकार, लेखक, गीतकार, संगीतकार और लोकगायक विगत सदी के उत्तराखंडी सबसे प्रिय लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के 66वें जन्मदिन पर "उत्तराखंड की लोकभाषाओं पर संकट" विषय पर परिचर्चा ने यह तो साफ़ कर ही दिया है कि जब लोक ही नहीं रहेगा तो भाषा कैसे जीवित रह सकती है. एक ऐसे व्यक्तित्व के लिए इतना महत्वपूर्ण विषय और उस पर चर्चा के लिए लोक सम्मान समिति बधाई की पात्र है.
कार्यक्रम में मंच संचालन कर रहे साहित्यकार व कवि वीरेन्द्र पंवार ने कहा कि जहाँ लोकभाषाओं के संकट पर उत्तराखंड में बात करने वाले मुट्ठी भर लोग थे वो बढ़कर लाखों में पहुँच गए जिससे यह साफ़ जाहिर होता है कि लोकभाषा पर वास्तव में बड़ा खतरा मंडरा रहा है. वहीँ कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत ने लोक पर चर्चा करते हुए कहा कि हम ब्यक्ति को उसके द्वारा बोली गई भाषा या बोली के शब्दों से ही पहचान पाते हैं और वर्तमान में जिस तेजी से पूरे विश्व की कई बोली भाषाएँ विलुप्ति के कगार पर हैं वह चिंता का विषय है.
डीएवी पीजी कालेज के प्रोफ़ेसर डॉ. राम विनय सिंह ने मंत्रोचारण से "उत्तराखंड की लोकभाषाओं पर संकट" परिचर्चा में लोक किसे कहते हैं और भाषा क्या है उस पर बेहद खूबसूरत अंदाज में तथ्यों की प्रमाणिकता के आधार पर अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारे चक्षु ही लोक हैं जो देखते हैं उसी का हम अनुशरण करते हुए उस संस्कृति को प्रस्तुत करते हैं जिस में हम रचे बसे हैं और वही हमारी लोक भाषा भी बन जाती है. उन्होंने लोक और परलोक के अलावा 7 अन्य लोकों की बात करते हुए गायत्री मन्त्र ॐ भू भुव; स्वहा: तत्सवितुर्वरेणयम भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न प्रच्योद्यात! में 7 लोकों की ब्याख्या करते हुए उसे भाषाई रूपों में जिस तरह ढाला वह अतुलनीय है.
कार्क्रम की अध्यक्षता का दायित्व निभा रहे जागर शैली के विशुद्ध लोकगायक प्रीतम भरतवाण ने लोकभाषाओं के संकट को दुधमुही बोलियों से दूर होना भी बताया वहीँ लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि जब कोई लोकभाषा ही नहीं होगी तो गीत रचना कैसे की जा सकती है. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश भर के नेता सिर्फ चुनाव के समय ही दीदी भुली करके अपनी भाषा में वोट मांगते समय गढ़वाली या कुमाऊनी भाषा बोलते हैं और जब विधान सभा सचिवालय आकर बैठना शुरू कर देते हैं तो अपनी दूधमुहि भाषा बोलने में हीन भावना से ग्रसित होने लगते हैं. उन्होंने लोकभाषा के संकट कोजायज चिंता बताते हुए कहा कि हमें ऐसा कुछ तो करना ही होगा ताकि हमारी लोक बोली लोकभाषा में तब्दील हो और चिरायु रहे.
उनके आलावा भाषाविद्ध कमला पन्त, कुमाऊनी साहित्यकार भारती पांडे, वेदविलास उनियाल, लक्ष्मीकान्त जोशी, संदीप रावत, भूपेन्द्र राणा इत्यादि लोकभाषा पर कार्य कर रहे बुद्धिजीवियों ने भी "उत्तराखंड की लोकभाषाओं पर संकट" पर परिचर्चा करते हुए इसे सरकार के समुख रखने की मांग उठाई है.
वहीं लोकगायक नेगीजी को जन्मदिन की शुभकामनायें देने पहुंचे डोईवाला विधानसभा के विधायक व पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि हम एक ऐसे शख्स के स्वास्थ्य की मनोकामनाएं कर उन्हें शुभकामनायें देने आये हैं जिन्होंने पूरी जिंदगी लोकसंस्कृति व लोकभाषा की सेवा में लगा दी. भाजपा मजदूर मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष कविन्द्र इष्टवाल ने अपनी शुभकामनायें देते हुए कहा कि हमने देहरादून रहकर नेगीजी के गीतों के माध्यम से अपनी व पाने पितरों की जन्मस्थली की हर पीड़ा हर सुख को भोगा है और यही कारण भी है कि हमने अब उसे अपनी कर्मस्थली समझकर कार्य करना शुरू कर दिया है, ऐसे महानायक को मेरी शुभकामनायें.
शुभकामनायें देने दिल्ली से पहुंचे नेगीजी के प्रशंसकों में संजय नौडियाल, अनिल पन्त, सुरेन्द्र रावत व हिमालयन न्यूज़ के सीईओ डॉ. विनोद बछेटी सहित दर्जनों प्रशंसकों ने नेगी जी को पुष्पगुच्छ व भेंट दी.हिमालयन न्यूज़ के डॉ.विनोद बछेटी ने शाल ओड़ाकर नेगीजी का सम्मान किया. वहीँ गायिका दीपा पन्त ने नेगीजी के जन्मदिन पर उन्हें एक टीवी चैनल में न्यौली गाकर शुभकामनाएं दी. इसके अलावा आकाशवाणी नजीबाबाद के पूर्व निदेशक चक्रधर कंडवाल,बीनापाणी जोशी, उमा भट्ट, अरुण कुक्साल, कर्नल मदनमोहन कंडवाल, विनय केडी, हेमलता मैठाणी, प्रेमलता चौहान,गीता बिष्ट,पत्रकार मनु पंवार, राजू गुसाई,अर्जुन सिंह बिष्ट, रतन नेगी,देवेन्द्र जोशी,रमाकांत बेंजवाल,रविन्द्र लखेड़ा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने नेगीजी को शुभकामनाएं दी.Manoj Istwal




See More

 
Top