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#uttarakhandnews
देहरादून : 27 अगस्त, 2015

केंद्र सरकार ने अन्य पिछड़ी जाति (ओबीसी) की लिस्ट में बदलाव करते हुए उत्तराखंड दो जातियों को इसमें शामिल किया है। इन जातियों को अब केंद्र सरकार की नौकरियों और संस्थानों में ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सरकार ने यह निर्णय लिया है।

केंद्रीय कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया गया कि उत्तराखंड के कहार और तंवर सिंघारिया जाति को केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल किया गया है।

साथ ही गुजरात के सपाई और पतनी जमात या तुर्क जमात के मुसलमानों को भी इसमें शामिल किया गया है। ये दोनो ही जातियां मुस्लिम समुदाय के अंतर्गत आती हैं। हालांकि ये दोनों ही जातियां पहले से ही गुजरात में ओबीसी की श्रेणी में शामिल हैं लेकिन अब इन्हें केंद्रीय सूची में शामिल किया गया है।

कैब‌िनेट ने दी मंजूरी
ओबीसी की सूची में जातियों को शामिल करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय पिछड़ा जाति आयोग (एनसीबीसी) करता है। ओबीसी की सूची में बदलाव कर दोनों ही जातियों को शामिल करने का प्रस्ताव एनसीबीसी की ओर से था, जिसे केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है।

अब ये जातियां केंद्र की ओबीसी की सूची में शामिल हो जाएंगी। इन बिरादरी के लोगों को केंद्र सरकार के आरक्षण नियमों के तहत नौकरी से लेकर तमाम तरह की सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
Courtesy: अमर उजाला



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