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हल्द्वानी : 10 सितम्बर , 2015

बेरोजगार युवाओं एवं छोटे-मझोले व्यवसायियों को अब सूदखोरों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही अमीरों पर ही मेहरबान रहने वाले बैंक भी गरीबों को आंख नहीं दिखा सकेंगे। प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक के माध्यम से बैंकों से आसान लोन की राह आसान होने जा रही है।

गरीब एवं बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए लोन देने में बैंक भले ही लाख दावे करते रहे हों, लेकिन इसमें कमजोर वर्ग को हमेशा निराशा ही मिलती रही है। अब बजट में घोषित पीएम मुद्रा बैंक योजना आम आदमी को स्वरोजगार से जोड़ने में खास भूमिका में होगी। इस महत्वाकांक्षी योजना को तीन वर्गो में शिशिर, किशोर व तरुण में बांटा गया है। मकसद है छोटे-मझोले व्यवसायियों को सूदखोरों के चंगुल से मुक्त करते हुए युवाओं को स्वरोजगार के लिए आसान शर्तो पर लोन मुहैया कराना। इसमें दस हजार से दस लाख रुपये तक का लोन सामान्य औपचारिकता पूरी करने पर उपलब्ध होगा। लाभार्थियों को पीएम मुद्रा बैंक कार्ड भी मुहैया कराया जाएगा।

मुद्रा बैंक समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति को स्वरोजगार से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल है। यह देश के 12 करोड़ छोटे-मझोले व्यवसायियों व बेरोजगार युवाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली योजना साबित होगी। जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पुण्यतिथि 25 सितंबर से योजना शुरू होगी और दो अक्टूबर तक भाजपा कार्यकर्ता एक अभियान के रूप में इसे चलाएंगे।

हेमंत द्विवेदी, प्रदेश सह प्रभारी, पीएम मुद्रा बैंक योजना

42 साल की मांग 16 माह में पूरी
हल्द्वानी : भाजपा प्रदेश मंत्री हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मोदी सरकार ने पूर्व सैनिकों की 42 साल से चली आ रही ओआरओपी योजना को 16 माह के कार्यकाल में पूरा कर दिखाया है। याचिका समिति के चेयरमैन सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने इस मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। 
Courtesy: जागरण


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