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 देहरादून: 12 सितम्बर , 2015 
 राजधानी दून में नेशनल बुक ट्रस्ट का सात दिवसीय पुस्तक मेला शुरू हो गया। मेले में 68 हजार से अधिक शीर्षक की किताबें उपलब्ध हैं। जिसमें बाल साहित्य से लेकर, भारतीय-वैश्विक साहित्य, विज्ञान, कला, धर्म, राज व्यवस्था समेत विभिन्न विषयों की किताबें पाठकों को लुभाने के लिए तैयार हैं।


शनिवार को परेड ग्राउंड में आयोजित पुस्तक मेले में का शुभारंभ राज्यपाल डा. केके पॉल ने किया। उन्होंने इंटरनेट को किताबों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया। साथ ही वैश्विक स्तर पर बिक्री के रेकार्ड तोडऩे वाली कई किताबों का जल्द संस्करण न मिल पाने पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने एनबीटी से अपेक्षा की कि अधिकारी इस दिशा में प्रयास करते हुए अनुवाद की कमी दूर करेंगे। डा. पॉल के मुताबिक आधुनिक युग में किताबों से लोगों का मोह भंग हो रहा है। उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक लोग किताबों को अपना साथी बनाएं। राज्यपाल ने पुस्तक मेले का निरीक्षण करते हुए करीब आधे दर्जन किताबों की खरीदारी की। इस दौरान उन्होंने साहित्यकार पद्मश्री लालधर जगूड़ी की किताब रचना प्रक्रिया से गुजरते हुए व आता ही होगा नया मोड़ का विमोचन भी किया।

इस मौके पर एनबीटी की निदेशक डा. रीता चौधरी ने बताया कि मेले में 68 स्टॉल लगाए गए हैं और प्रत्येक में औसतन एक हजार शीर्षक की किताबें हैं। एनबीटी में 10 फीसद की छूट दी जा रही है। इसी तरह अन्य स्टॉल में 20 से 30 फीसद तक की भी छूट उपलब्ध है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सात दिन के अंतराल में 15 लाख रुपये से अधिक की किताबों की बिक्री संभव है। इस अवसर पर उप निदेशक राजीव चौधरी आदि उपस्थित थे।
Courtesy: जागरण



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