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रुड़की: 16 अक्टूबर , 2015

उत्तराखंड की वादियों में पहुंचने वाले सैलानियों की देहरादून से दिल्ली तक पहुंच आसान बनाने के लिए हाईवे के बीचोंबीच मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाना सबसे बेहतर विकल्प है।

यह मानना है आईआईटी के सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन अरबन डिजाइन एंड डेवलपमेंट (सीयूडीडी) से जुड़े वैज्ञानिकों का। वैज्ञानिकों की राय में भूमि अधिग्रहण की तकलीफों के मद्देनजर दिल्ली-देहरादून हाईवे इस योजना के लिए मुफीद साबित हो सकता है। राजमार्ग के बीचोंबीच डिवाइडर का इस्तेमाल कर कॉरिडोर को विकसित किया जा सकता है।

उत्तराखंड सरकार की ओर से रुड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून के बीच मेट्रो रेल सेवा विकसित किए जाने की कवायद चल रही है। इसी के मद्देनजर विगत 25 जनवरी, 2015 को तत्कालीन मुख्य सचिव एन रविशंकर ने आईआईटी में सीयूडीडी के उद्घाटन के दौरान उत्तराखंड में हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर तथा स्मार्ट सिटी विकसित किए जाने पर मंत्रणा की थी।

संस्थान और शासन के बीच इन मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति के बाद भविष्य में इस पर काम किए जाने पर जोर दिया गया था। केंद्र से जुड़े वैज्ञानिक डॉ.एम परेडा का कहना है कि  संस्थान में रेल रिसर्च पर काफी काम चल रहा है।

राज्य में मेट्रो सेवा के लिए अभी तक शासन की ओर से रोडमैप जारी नहीं किया गया है। लेकिन मेट्रो कॉरिडोर की संकल्पना काफी खर्चीली है, जबकि दिल्ली और देहरादून के बीच बढ़ते यातायात भार को देखते हुए इसके न केवल देहरादून से रुड़की के बीच बल्कि कम से मेरठ तक विस्तार किए जाने की जरूरत है।
Courtesy: अमर उजाला


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