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टिहरी : 11 अक्टूबर , 2015

ऋषिकेश। नमामि गंगे समिति की राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन समापन सत्र में केंद्रीय जल संसाधन और गंगा स्वच्छता मंत्री उमा भारती परमार्थ निकेतन पहुंची। कार्यशाला में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा के प्रति समर्पित हैं।
उन्होंने बताया कि गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए गंगा स्वच्छता मंत्रालय ने समग्र कार्ययोजना तैयार की है। 2017 और 2018 में इसके प्रभावी परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि अभी तक सभी राज्यों और राजनैतिक दलों का सहयोग अभियान को मिल रहा है।
बताया कि अभी तक केंद्र और राज्य सरकार की 70-30 प्रतिशत की भागीदारी के कारण योजनाओं के क्रियान्वन में दिक्कतें आ रही थी। लेकिन, अब केंद्र सरकार ने शत प्रतिशत भागीदारी का निर्णय लिया है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वन में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी और संगठनात्मक प्रयासों के अतिरिक्त हमें जनसहभागिता को भी सुनिश्चित करना होगा। 
इस दौरान केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने समिति के सदस्यों के सवालों का जवाब भी दिया। गंगा तटों पर शव दहन के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम आस्थाओं के साथ कतई छेड़छाड़ नहीं करेंगे। लोगों को विकल्प देंगे और तकनीकी का विकास करेंगे। 
गंगा किनारे जैविक खेती और ओद्योगिक प्रदूषण को रोकने के लिए भी योजना तैयार की गई है। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ विनय सहश्रबुद्धि, सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश, नमामि गंगे के राष्ट्रीय संयोजक त्रिवेन्द्र रावत, वरिष्ठ नेता डॉ हृदयनाथ सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
Courtesy: जागरण


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