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रुद्रप्रयाग  : 23 नवंबर  , 2015

भरदार क्षेत्र के ग्राम पंचायत दरमोला में चल रहे पांडव नृत्य में बुधवार को बाणों का कौथिग हुआ। इस दौरान दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने भगवान बदरीविशाल व शंकरनाथ देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। चार दिसम्बर को पांडव नृत्य का समापन किया जाएगा। 

गत 22 नवम्बर को गंगा स्नान के साथ ग्राम पंचायत दरमोला में पांडव नृत्य का आयोजन शरू हो गया था। बुधवार को पुजारी ने बद्री-विशाल एवं पांडव के अस्त्र-शस्त्र की पूजा-अर्चना व आरती कर बद्रीनाथ को भोग लगाया। पांडवों ने नृत्य करने वाले स्थान के चारों कोने की पूजा-अर्चना की। इसके बाद ढोल सागर की ताल पर देवता अवतरित हुए। पुजारी कीर्ति प्रसाद ने पांडवों को उनके अस्त्र- शस्त्र दिए, और पांडवों ने ढोल-दमाऊ की थाप पर नृत्य करना शुरू किया। पांडव नृत्य देखने के लिए दरमोला, तरवाड़ी, स्वीली, सेम, डुंग्री, जवाड़ी, मेदनपुर, रौठिया समेत कई गांवों से ग्रामीण पहुंचे हुए थे। पांडव लीला समिति के अध्यक्ष जसपाल पंवार ने सभी ग्रामीणों से धार्मिक कार्य में अपना पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की है। इससे उक्त कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढ़ंग से संपन्न किया जा सके। उन्होंने बताया कि दो दिसम्बर को नौगरी का कौथिग, तीन  दिसम्बर को सिरोता और चार  दिसम्बर को पांडव नृत्य का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष जसपाल सिंह पंवार, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कप्रवान, क्षेपंस गुड्डी देवी, विक्रम पंवार, दान सिंह पंवार, रविन्द्र पंवार, सुरेन्द्र सिंह, हुकम सिंह, पुजारी कीर्ति प्रसाद डिमरी, दर्शन सिंह, त्रिलोक सिंह समेत बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे। जागरण


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