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ऋषिकेश: 29 नवंबर  , 2015

तीर्थनगरी ऋषिकेश में मुसलिम समुदाय की ये बेटी हिंदू धर्मग्रंथों का ज्ञान बाट रही है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

'सभी हिंदू धर्मग्रंथ संस्कृत में वर्णित हैं। इनके संदेश को संस्कृत के ज्ञान के बिना नहीं जाना जा सकता। लिहाजा मुझे इस भाषा के प्रति लगाव हुआ। मैंने इसे सीखा और इसी विषय में बीएड भी किया। वैसे भी संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है, जीवन में हर मोड़ पर हमें संस्कृत की जरूरत पड़ती है।' यह कहना है देववाणी संस्कृत भाषा में गहरी रुचि रखने वाली मुसलिम समुदाय से जुड़ी सोनी निशा का।

सोनी निशा का कहना है उन्हें वेदों का अध्ययन और उनके सारतत्व को जानना अच्छा लगता है। संस्कृत के प्रति जिज्ञासा बढ़ी तो कक्षा नौ से ही पढ़ना शुरू किया। बीए तक रेग्युलर संस्कृत को पढ़ा। एमए संस्कृत में दाखिला लेना चाहती थीं, मगर ऋषिकेश पीजी कॉलेज में परास्नातक में यह विषय नहीं है।

संस्कृत से प्राइवेट एमए कर रही हैं। सोनी निशा के देववाणी संस्कृत के प्रति रुचि को इस तरह से भी समझा जा सकता है कि कुरुक्षेत्र विवि से बीएड में खासतौर पर संस्कृत विषय को चुना। वह साल 2014 में बीएड कर चुकी हैं। सोनी निशा बताती हैं कि नवीं कक्षा में हमारे संस्कृत शिक्षक वंशीधर पोखरियाल बेहद सलीके से इसे पढ़ाते थे, उनके पढ़ाने के ढंग से सोनी की संस्कृत में रुचि बढ़ी। अमर उजाला



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