.

.







देहरादून: 8 दिसंबर , 2015
टिहरी के 200 साल , स्वर्णिम क्या, कोहिनूर हैं
इन्ही रानी/ सांसद के बुढ़ ससुर महाराजा  श्री सुदर्शन शाह ने 1815 में टिहरी को बसाया था । श्रीनगर से चला घोड़ा सुमन चौक में रूक गया था। इसलिए टिहरी राजधानी बस गई। इसी महीने टिहरी के स्वर्णिम स्थापना के दो सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। दो सौ वर्ष में रियासत ने करीब पांच राजा व कई उतार चढ़ाव देखे। इस बहुत ही यादगार पल को मना रहे हैं? 

कैसे मना रहे हैं? कहां मना रहे हैं? को पूछने आज 
14 विधानसभा क्षेत्र की सवोर्च्च जनप्रतिनिधि व टिहरी की अंतिम रानी श्रीमती राज्यलक्ष्मी शाह को उनके दो बार सांसद बनने के पहली बार उनसे लंबी बातचीत में मिला। बातचीत आगे बताई जाएगी। लेकिन स्थापना दिवस समारोह होगा । यह रानी ने बताया।  जो भी व्यक्ति किसी जगह का नाम देता है और उस जगह को बसाता है । निश्चित रूप से वह याद करने का हकदार  होता है। इसके उतार चढ़ाव पर भी चर्चा होनी चाहिए। चर्चा इस लिए भी प्रासंगिक हो जाती है जिस जगह को महाराजा श्री सुदर्शन शाह ने बसाया था, उसे राष्ट्रीय योगदान के लिए मौत को गले लगाना पड़ा । और फिर देश/प्रदेश में एक पर्यटन के सपने के साथ पैदा हुआ । शीशपाल गुसाईं


See More

 
Top