.

.



माया नगरी में प्रसिद्ध उत्तराखण्ड की पहचान केशर सिंह विष्ट अद्वितीय प्रतिभा के धनी हैं। मुम्बई में उनका कौथिक प्रबंधन का कार्यक्षेत्र हो या प्रवासी उत्तराखंडियों को संगठित करने की मंत्रणा , एक अभूतपूर्व क्षमता वाले इस युवा में वास्तविक उत्तराखण्ड झलकता है। 28 दिसंबर 2015 को जन्तर मन्तर में जब मैंने समीर रतूड़ी और केशर सिंह विष्ट का परिचय कराया तो दिल में नई आशा की किरण जागी कि यह युवा ही अब उत्तराखण्ड को नया रूप देने में सहायक सिद्ध होंगे। पुराने नेतृत्व ने बहुत बुरे लोगो से लोहा लिया और अपनी पहचान बचाने के साथ समाज की विकास गति को तेज करने में अपनी अहम् भूमिका निभाई है। दूसरी तरफ राज्य में कुछ मुफ्तखोर नेतावों ने भी जन्म लिया जो सिर्फ पैसा कमाने और चाटुकारिता में अपना कीमती जीवन गँवा बैठे हैं। आज भी इस उम्र में उनको अपने लोगों पर किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं है। वे सिर्फ घोटालों , अपराधों , और चाटुकारिता के माध्यम से सुख भोगते रहे हैं। लेकिन इस पीढ़ी में नेतृत्व संभालने का बेदाग हौसला है। अगर राज्य ऐसे लोगों को आगे आने का मौका देता है तो उत्तराखण्ड के भाग्य सुधर जायेंगे। आभार : इ गैरसैण 


See More

 
Top