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देहरादून : 29 दिसंबर , 2015
गंगा में बिना ट्रीट किए सीवरेज छोड़ने वाले संस्थानों के खिलाफ उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस जारी कर दिए हैं। उद्योगों, आश्रमों और धर्मशालाओं से नोटिस में कहा गया है कि किसी हाल में गंगा में सीवरेज न डालें।

हरिद्वार स्थित धर्मशालाओं और आश्रमों को हिदायत दी गई है कि सीवरेज जल निगम के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाएं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संस्थानों को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था करने के लिए एक महीने का समय दिया है।

तीन महीने का समय
निर्माण कार्यों का मलबा गंगा में गिराने पर 15 जल विद्युत परियोजनाओं को भी नोटिस जारी किया गया है। कई इन परियोजनाओं की आवासीय कॉलोनियों का सीवरेज भी गंगा में डाला जा रहा है। परियोजनाओं को व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। इसके अलावा हरिद्वार के आठ आश्रमों और धर्मशालाओं को नोटिस जारी कर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का निर्देश दिया गया है।

बिना ट्रीटमेंट सीवरेज डालने पर होगी कार्रवाई
रुड़की समेत दो बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांटों को केंद्र सरकार से पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने के लिए कहा गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने 10 दिसंबर को निर्देश जारी किए थे कि गंगा में बिना ट्रीटमेंट सीवरेज डालने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद ट्रिब्युनल की चैंबर मीटिंग में भी निर्देशों पर अमल शुरू करने के लिए शासन को हिदायत दी गई थी। अमर उजाला



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