.

.





अल्मोड़ा : 19 जनवरी  , 2016
पहाड़ में आम जनता के लाभ के लिए लाखों की लागत से योजनाएं तो बनाई जाती हैं, लेकिन कई योजनाएं शुरूआती दौर में ही दम तोड़ देती हैं। लिहाजा ऐसी योजनाओं का जनता को कोई फायदा नहीं मिल पाता है। इसकी एक बानगी विकास खंड के भैल्टगांव में वर्षो पूर्व बनी सिंचाई हाईड्रम योजना है। जो लावारिस हालत में है। मशीनें व अन्य सामान जंक खा रहे हैं।


विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भैल्टगांव के अनुसूचित बस्ती के पास सिंचाई विभाग ने करीब नौ लाख की लागत से 1978 में हाईड्रम सिंचाई योजना का निर्माण प्रांरभ किया गया, जो वर्ष 1982 में बनकर तैयार हुई। इससे भैल्टगांव व अनुसूचित बस्ती से जुड़ी लगभग एक हजार नाली जमीन सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया। योजना को रामगंगा दायीं नहर से जोड़ा गया। ऊंचाई में बसे हर खेत को पानी पहुंचे, इसके लिए पंप हाउस से पांच मीटर और तीन सौ मीटर की दो पाइप लाइनें बिछाई गई। साथ ही कुछ नहरें भी बनी, मगर योजना कामयाब नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि शुरूआती दौर में एक वर्ष तक योजना ठीक-ठाक चली, मगर धीरे-धीरे मशीनें खराब होती गई व फिर योजना ने काम करना बंद कर दिया। जो बाद में पूरी तरह फ्लाप हो गई। विभागीय अधिकारियों ने बार-बार मांग के बाद भी इस ओर देखा भी नहीं। हां इतना जरूर हुआ कि एक दो बार परिसंपत्तियों का रंग-रोगन कर दिया गया। अब योजना पूरी तरह ठप पड़ी है। मशीनें व अन्य सामग्री बर्बादी के कगार पर हैं। विभाग भी मौन साधे है।

फोटो न-19सीकेएचपी 3, जमन सिंह।
पूर्व कनिष्ठ उपप्रमुख जमन सिंह मनराल का कहना है कि लाखों की लागत से बनी हाईड्रम योजना बेकार व लावारिस हो गई है। हजारों नाली खेती असिंचित है, लेकिन किसी को सुध नहीं है। ग्रामीण पमरो नामक स्थान से लिफ्ट योजना की मांग कर रहे हैं, लेकिन मांग ठंडे बस्ते में है।
फोटो न-19सीकेएचपी4, नारायण सिंह।
काश्तकार नारायण सिंह का कहना है कि योजना के फ्लाप हो जाने से काश्तकार मायूस हैं। बार-बार मांग के बावजूद किसी ने योजना की ओर देखा भी नहीं। ऐसे में ग्रामीणों की जमीन आज भी असिंचित है। 
फोटो न-19सीकेएचपी5, हर राम आर्य।
हर राम आर्य का कहना है कि योजना से शुरू में दो सीजन में ही पानी मिल पाया। जो फिर विभागीय सुस्ती के चलते ठप हो गई। ऐसे में काश्तकार आज सिंचाई के पानी के लिए तरस रहे हैं। 

फोटो न-19सीकेएचपी6, हरी दत्त।
हरी दत्त ने बताया कि मैंने बेलदार के रूप में हर्कड्रम योजना को चलाया। मशीनें पुरानी लगी होने के कारण जल्दी ही खराब होने लगे, कुछ समय बाद सभी ठप हो गई। ऐसे में योजना बंद हो गई। 


अब योजना को चालू करना संभव नहीं है। गत वर्ष सिंचाई व लघु डाल विभाग के अधिकारियों ने योजना का संयुक्त मौका मुआयना किया। इसमें सिंचाई लिफ्ट योजना का प्रस्ताव लघु डाल की ओर से रखा गया है। स्थान का भी चयन हो गया है। डीएस बिष्ट, सिंचाई उप खंड चौखुटिया।जागरण



See More

 
Top