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हरिद्वार  : 20 जनवरी  , 2016
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अ‌र्द्धकुंभ को निशाना बनाने के लिए आरोपियों ने पूरी तैयार कर ली थी। सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ में युवकों ने बताया कि वह माचिस की तीलियों को खुरच बारूद जमा कर रहे थे। पुलिस अब इस बारूद की बरामदगी में जुट गई है।
सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो अ‌र्द्धकुंभ के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हथियारों को लाना ले जाना आसान काम नहीं था। इसीलिए उच्च शिक्षा ले रहे इन युवाओं ने यह शातिरना तरीका अपनाया। बताया जा रहा है कि पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे बाजार से माचिस के बड़े-बड़े पैकेज खरीद लेते थे। माचिस आसानी से उपलब्ध है और किसी को शक भी नहीं होता। बताया जा रहा है कि यह विधि भी उन्हें किसी प्रशिक्षित आतंकी ने बतायी है।

एनआइए ने भी दी थी चेतावनी 
हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर बोगी में लगी जांच के लिए पहुंची राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की टीम ने तीन दिन पहले ही स्थानीय पुलिस और जीआरपी को इस बारे में चेता दिया था। सूत्रों के अनुसार टीम ने बताया था कि आतंकी रेलवे ट्रैक और भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बना सकते हैं। हरिद्वार के एसएसपी सैंथिल अबदुई ने कहा कि एनआइए की टीम तीन दिन पहले हरिद्वार में जीआरपी के पास आई थी, लेकिन आतंकी हमले की चेतावनी के बारे कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।

बात करने को नए-नए एप्स करता था इस्तेमाल
सूत्रों की माने तो आरोपी अखलाक और उसके साथी एक नए एप्स ट्रेनियम साफटवेयर के माध्यम से आतंकी संगठन के संपर्क में थे। पूछताछ में उन्होंने इस बारे में अफसरों को जानकारी दी है। जागरण


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