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देहरादून  : 10 जनवरी  , 2016
राज्य ब्यूरो, देहरादून: प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण शुल्क व एमआरआइ जैसे परीक्षणों के लिए मरीजों को अधिक धनराशि खर्च करनी पड़ सकती है। शासन ने एमएसबीवाइ कार्डधारकों के लिए पंजीकरण शुल्क 14 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये करने और अन्य मरीजों के लिए 50 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अलावा कुछ चिकित्सकीय परीक्षणों के शुल्क में भी वृद्धि संभव है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है।

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में बाहरी राज्यों से भी बड़ी तादाद में मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। राज्य सरकार ने हाल में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा एपीएल श्रेणी तक बढ़ाया है। साथ ही, इस योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कवर की सीमा भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.75 लाख रुपये कर दी। प्रदेश के अधिकतर परिवार एमएसबीवाइ के दायरे में आ रहे हैं। एमएसबीवाइ कार्डधारक मरीजों को अस्पतालों में 14 रुपये पंजीकरण शुल्क अदा करना पड़ता है।


बाहरी राज्यों से आने वाले मरीजों के लिए भी पंजीकरण शुल्क की यही दर लागू है। शासन ने अब एमसबीवाइ कार्डधारकों के लिए पंजीकरण शुल्क 20 रुपये (करीब 33 फीसद वृद्धि) करने की तैयारी की है, जबकि अन्य मरीजों के लिए इसे 50 रुपये करने की तैयारी है। इसमें बाहरी राज्यों से आने वाले मरीज भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभ में हुई बढोतरी की वजह से अतिरिक्त व्ययभार को संतुलित करने के लिए सरकार यह कदम उठाने जा रही है। 


इसके अलावा निशुल्क जांच योजना के दायरे में आने वाली 36 जांचों के अतिरिक्त एमआरआइ जैसे कुछ परीक्षणों का शुल्क भी बढ़ाए जाने की तैयारी है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश ने बताया कि इस नए प्रस्ताव को परीक्षण के बाद अनुमोदन के लिए उच्च स्तर पर भेज दिया गया गया है। स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री का अनुमोदन मिलने के बाद ही यह नई व्यवस्था लागू की जाएगी।  जागरण


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