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नानीसार: 29 जनवरी  , 2016
 ताज्जुब होता है जिस नानीसार की जमीन पर जिंदल अंगद पाव जमा कर प्रशासन तक को हड़का रहा है उस जमीन का अब तक लीज पट्टा भी नहीं भरा गया है ,इतना ही नहीं , भूमि का सीमांकन तक नहीं हुआ है ।सीमांकन पटवारी करता है , लेकिन दबंगई देखिये जिंदल ने निजी इंजिनियर से सीमांकन करा लिया और मनमुताबिक तार बाड़ तक कर ली । इतना ही नहीं , हुजूर! भू जल की बोरिंग भी कर ली ।आप एक टुल्लू पम्प से घर मे पानी खींच कर तो देखो ! क्या जिंदल के खिलाफ जल संचय अधिनियम मे केस नहीं चलना चाहिए ? लेकिन जिंदल जैसे पूंजीपति की रखैल बनी सरकार ऐसा क्यों करने लगी भला ? और सबसे बड़ा खुलासा इस सवाल मे छिपा है कि आखिर करोडो के निर्माण कार्य मे प्रतीक जिंदल का पार्टनर कौन है ? वही तो नहीं जो उड़न खटोले मे आया था ।आखिर साहेब जिंदल कि सुरक्षा मे चट्टान बन कर क्यों खड़े है ?  आभार : विमल सती


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