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ममता रावत.....
उत्तरकाशी जिले के सुदूर भुंकोरी गांव की निवासी।
सुना हे बड़ी पर्वतारोहिनी हैं ये।
क्या आप में से कोई इस नाम को जनता हे???
शायद नहीं!!!
क्यूंकि हमारी सरकारें अपने झूठे बखानो को बताने के लिए तो करोडो रूपये विज्ञापनों पर और अपने दागों को छुपाने के लिए लगा देती हैं, पर शायद इस ममता रावत और इनकी जैसी अनेको पहाड़ों में छुपी प्रतिभाओं के लिए हमारी सरकारें कुछ भी नहीं करती हैं। ममता रावत का नाम मैंने भी आपकी तरह पहली बार आज स्टार प्लस चैनल पर "आज की रात हे जिंदगी" शो पर सुना और उन्हें देखा भी। इतने बड़ा मंच मिलना और वो भी अमिताभ बच्चन के साथ.... कल्पना से परे हे मेरे लिए तो...
पर ममता रावत के हुनर को स्टार प्लस ने देखा और समझा और इस मंच के माध्यम से उनको आज अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली...वाकई अच्छा लगा कि पहाड़ के अभावों में पली बढ़ी लड़की कब इतने पहाड़ों जैसे काम कर गयी, अनेकों पहाड़ों को छुते हुए ...और हमे उत्तराखंडी होने का गर्व करा गयी। उनके द्वारा मंच पर गायक शान के साथ प्रशिद्ध गढ़वाली गाना " बेडू पाको..बारामास" सुन कर तो मन मंत्रमुग्दित हो गया। शायद मैंने पहली बार किसी बड़े मंच पर गढ़वाली गाना..यही की किसी ठेठ पहाड़ी लड़की द्वारा सुना। 2013 की आपदा के वक़्त 40 लोगों की जान भी इन्होंने बचाई। और ना जाने कितनी अनसुनी कहानियां हे उनकी। शुक्रिया स्टार प्लस...शुक्रिया अमिताभ जी।


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