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गोपेश्वर : 12 जनवरी  , 2016

बदरीनाथ धाम भी ग्लोबल वार्मिंग की चपेट में है। शीतकाल में बर्फ के आगोश में रहने वाला धाम इस बार मध्य जनवरी तक भी बर्फ विहीन है। यहां ऊंची चोटियों पर तो बर्फ जमी है, पर मंदिर के आसपास नाममात्र की ही बर्फ है। पिछले कई वर्षों बाद धाम में यह स्थिति देखने को मिल रही है। मौसम विज्ञानी इसे ग्लोबल वार्मिंग का असर मानते हैं।

नहीं गिरी बर्फ
बदरीनाथ धाम के कपाट नवंबर माह में शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान धाम बर्फ से ढक जाता है। यहां मध्य दिसंबर से शुरू होनेवाला बर्फबारी का सिलसिला अप्रैल तक चलता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। 18 दिसंबर, 24 दिसंबर और आठ जनवरी को ही धाम में बर्फबारी हुई। चटख धूप खिली तो यह बर्फ भी पिघल गई।

इस बार धाम तक खुली है सड़क
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह का कहना है कि जनवरी माह तक बदरीनाथ धाम, हनुमान चट्टी से आगे बदरीनाथ हाईवे पूरी तरह बर्फ से ढक जाता था। पर इस बार बर्फ नहीं होने से धाम तक सड़क खुली है। अमर उजाला



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