.

.




देहरादून  : 1 जनवरी  , 2016
हो सकता है कि अगले साल आपको मसूरी की सड़कों पर रिक्शा खींचने वाले न दिखें। उत्तराखंड में मंगलवार को आयोजित हुई सतर्कता और निगरानी समिति की बैठक में बीजेपी के राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने राज्य सरकार से स्थानीय लोगों को ई-रिक्शा देने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि लोगों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे वे ई-रिक्शा खरीद सकें। मसूरी में हाथ से रिक्शा खींचने वाले लोगों को सहूलियत देने की यह एक अच्छी पहल है। 

यह प्रक्रिया शुरू करने के लिए तरुण विजय ने मसूरी की नगर पालिका को अपनी सांसद निधि से 25 ई-रिक्शा दिए। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा का बहुत ही कम रख-रखाव करना पड़ता है, ये प्रदूषण-मुक्त हैं और आसानी से उपलब्ध भी हो जाते हैं। एक ई-रिक्शा खरीदने में 1.20 लाख रुपए की लागत आती है। 

 विजय ने उत्तराखंड के राज्य ग्रामीण विकास मंत्री प्रीतम सिंह से राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के तहत लोगों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराने और ई-रिक्शा बांटने का आग्रह किया। प्रीतम सिंह ने इस बारे में संबंधिक अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वह इस विचार को स्वीकार करते हैं और वे यथासंभव कार्रवाई करेंगे। 

 तरुण ने चीन-तिब्बत सीमा पर सड़क निर्माण की निगरानी के लिए एक कमिटी के गठन का सुझाव दिया, जिससे इन इलाकों में बेहतर सड़कें बनाई जा सकें जो राष्ट्रीय सुरक्षा में सहायक होंगी। साथ ही, ऐसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचों के विकास से इलाके में हो रहे लोगों के पलायन को भी रोका जा सकेगा। उन्होंने सरकार को बताया कि मिलम मुंशीयारी रोड पर अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है। 

तरुण ने एक चौंकाने वाली जानकारी देते हुए कहा कि मिलम रोड पर सैकड़ों एकड़ में फैले भोजपत्र जंगल में अवैध लकड़ी विक्रेताओं की गतिविधियां भी काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने सरकार से भोजपत्र जंगल को बचाने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने नंदादेवी राज जाट तीर्थयात्रा के अंतर्गत आने वाले इलाके को चिन्हित करने की भी मांग की, जिससे इस इलाके को पर्यटकों के लिए पूरे साल सुलभ बनाया जा सके।  नवभारत टाइम्स


See More

 
Top