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देहरादून :21 फरवरी, 2016

पिछले करीब दो माह से शहर की खराब लाइटों को ठीक करने के लिए एमडीडीए ने अपने अवर अभियंताओं को कई बार निर्देशित किया। उसके बावजूद खराब लाइटें ठीक नहीं हो सकी। गुस्साए सचिव ने दोनों अभिंयताओं का वेतन रोकने के निर्देश दिए तो तीन दिन में ही लाइटें जलने लगी हैं।

एमडीडीए को मिल रही थीं शिकायतें
एमडीडीए अधिकारियों को पिछले लंबे समय से शहर के अधिकांश क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत मिल रही थी। इस पर सचिव पीसी दुमका ने विद्युत व्यवस्था में लगे अवर अभियंता शीशपाल चौहान और पीपी सेमवाल को विद्युत व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी खराब स्ट्रीट लाइटों को चिह्नित कर उनकी सूची तैयार करने को निर्देशित किया था। रिमाइंडर के बावजूद सूची तैयार ना करने और स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं करने पर सचिव ने 19 फरवरी को दोनों अभियंताओं का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

फील्ड में उतरे जेई
वेतन रोकने संबंधी आदेश जारी होते ही अवर अभियंताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। दो माह से निर्देशों को ठेंगा दिखा रहे दोनों जेई तत्काल टीम के साथ फील्ड में उतर गए। लगातार दो दिन राजपुर रोड की लाइटों पर काम करने के बाद रविवार रात उन्होंने इसे ठीक कर दिया।

एमडीडीए सचिव पीसी दुमका ने बताया कि राजपुर रोड पर लाइटों के ठीक होने की सूचना मिली है। अब सहस्त्रधारा रोड की लाइटें ठीक की जाएगी। उसके बाद प्राथमिकता के आधार पर शहर के भीतर की लाइटों की मरम्मत होगी। अमर उजाला


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