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देहरादून  : 03 फरवरी , 2016
राजधानी को पॉलीथिन मुक्त बनाने को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद नगर निगम ने अपने स्तर पर चार टीमें गठित की है। यह टीमें अलग-अलग वार्डों में जाकर लोगों को पॉलीथिन से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी देंगी। इसके बावजूद भी कोई पॉलीथिन, थर्माकोल की प्लेट, थाली और कटोरी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पांच हजार रुपये तक जुर्माना भी है।

एनजीटी के फैसले के बाद शासन की ओर से प्रदेश में पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने के लिए आदेश की कॉपी सभी नगर निगमों को भेज दी गई है। आदेश की कॉपी का संज्ञान लेते हुए मुख्य नगर अधिकारी नितिन भदौरिया ने नोडल अधिकारी ओएसडी डॉ. हर्षवर्धन मिश्रा के नेतृत्व में चार टीमें गठित की हैं।

टीमें चलाएंगी अभियान
इसके अलावा उन्होंने बताया कि प्रशासन स्तर पर गठित पूर्व टीमें अपने स्तर पर अभियान चलाती रहेंगी। इसमें नगर निगम के कर्मचारी सहयोग करेंगे। नोडल अधिकारी डॉ. हर्षवर्धन मिश्रा ने कहा कि शहर में पॉलीथिन को एकदम से प्रतिबंधित कर देना संभव नहीं है। ऐसे में टीमें पहले लोगों को जागरूक करेंगी।

इसके बावजूद भी कोई पॉलीथिन बेचते तथा इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ मिश्रा ने बताया कि टीमें गुरुवार से अभियान शुरू कर देंगी। बीच-बीच में औचक निरीक्षण भी किया जायेगा। अभियान शाम तीन बजे से अलग-अलग क्षेत्रों में चलेगा। 

यह है टीम
नगर स्वास्थ्य अधिकारी कैलाश चन्द्र गुजियांल के अंडर वार्ड नंबर 1 से 15
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी विवकानंद सती के अंडर वार्ड नंबर 16 से 20
सफाई निरीक्षक खुशीराम डोभाल के अंडर वार्ड नंबर 31 से 45
सफाई निरीक्षक श्योराज यादव के अंडर वार्ड नंबर 46 से 60 तक कि जिम्मेदारी है। 

सब्जी मंडियां है प्राथमिकता
नोडल अधिकारी डॉ. हर्षवर्धन मिश्रा ने बताया कि पॉलीथिन मुक्त अभियान सबसे पहले शहर के सब्जी मंडियों पर चलाया जाएगा। क्योंकि सबसे ज्यादा पॉलीथिन का इस्तेमाल इन जगहों पर ही किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा कि वह पॉलीथिन का इस्तेमाल ना करें। बाद में कार्रवाई की जाएगी। अमर उजाला



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