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टनकपुर  : 02 फरवरी , 2016

अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिनमें घर वालों के दबाव में बच्चे का भविष्य ही अंधकारमय हो जाता है या बच्चा घातक कदम उठा लेता है।

अपनी उम्मीदों को बच्चे पर थोपने की ऐसी ही एक और घटना सामने आई है। स्कूल में होने वाले मासिक टेस्ट में कम नंबर आने पर महेंद्रनगर (नेपाल) में एक पिता ने कक्षा पांच में पढ़ने वाले 12 वर्षीय बेटे की पिटाई लगाकर उसे भारत-नेपाल बॉर्डर पर यह कहकर छोड़ दिया कि लौटकर घर नहीं आना।

तीन दिन तक बालक भूखे पेट ठंड में शारदा खनन क्षेत्र में डरा-सहमा छिपा रहा। ठंड के कारण बच्चे को खूनी दस्त तक हो गई। गनीमत रही कि एक खनन कारोबारी की नजर उस पर पड़ गई। स्वयंसेवी संस्था ने इस बच्चे का इलाज कराने के साथ ही उसे अपने बनबसा स्थित उज्वला पुनर्वास केंद्र में आश्रय दिया। अमर उजाला


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