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देहरादून : 15 फरवरी , 2016

उत्तराखंड में कक्षा आठवीं तक फिर से बोर्ड परीक्षाएं लागू करने की तैयारी चल रही है। यदि ऐसा होता है तो प्रदेश के आठ लाख से अधिक स्कूली बच्चों को पास होने के लिए हर साल लिखित परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।

अभी आठवीं तक के बच्चों को सतत मूल्यांकन (बाल मैत्री परीक्षा) के आधार पर अगली कक्षा के लिए पास कर दिया जाता है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस तरह बच्चे पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और नवीं के बाद दबाव पड़ने पर स्कूल छोड़ दे रहे हैं।

शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के मुताबिक प्रदेश सरकार की ओर से केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है कि पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएं। नैथानी का कहना है कि उत्तराखंड की पहल पर अन्य राज्य भी सहमत हैं। अमर उजाला



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