.

.




देहरादून : 26 फरवरी , 2016
मदरसा डिग्री लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी है। कैबिनेट ने उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद विधेयक-2016 को मंजूरी दे दी है। अब मुंशी, मौलवी को हाईस्कूल, आलिम को इंटर, कामिल को बीए और फाजिल को एमए के बराबर मान्यता मिलेगी। मदरसा की ये डिग्रियां उत्तराखंड के अलावा यूपी, एमपी समेत दूसरे प्रदेशों में भी मान्य होंगी। परिषद के न होने से अभी प्रदेश के अंदर और बाहर इन डिग्रियों को मान्य नहीं माना जा रहा था।

विधानसभा में रखा जाएगा ब‌िल
माध्यमिक शिक्षा परिषद की तर्ज पर उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद विधेयक को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। यहां से हरी झंडी मिलने के बाद उत्तराखंड का अपना मदरसा एक्ट लागू हो जाएगा। अभी प्रदेश के पास एक्ट नहीं था, यूपी के मदरसा एक्ट के आधार पर किसी तरह व्यवस्था चल रही थी।

प्रदेश शासन ने मुसलिम एजूकेशन मिशन को निरस्त करने के बाद 9 दिसंबर 2011 को मदरसा बोर्ड अधिसूचित कर दिया था, लेकिन नियमावली नहीं थी।

आलिम, कामिल, फाजिल को मिलेगी मान्यता
प्रदेश का अपना मदरसा एक्ट न होने के कारण मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल, फाजिल की डिग्रियों को दूसरे प्रांत तो मान्यता दे ही नहीं रहे थे, प्रदेश में भी ऊहापोह की स्थिति थी। विद्यालयी शिक्षा परिषद ने रामनगर की बैठक में मदरसा डिग्रियों की हाईस्कूल, इंटर, बीए, एमए की समकक्षता की मंजूरी 15 सितंबर 2015 को दे दी थी। फिर परिषद ने 6 जनवरी 2016 को इस संबंध में प्रस्ताव पास किया, लेकिन अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुआ था। मदरसा शिक्षा परिषद विधेयक पारित होने और एक्ट लागू होने के बाद मदरसा छात्र-छात्राओं की डिग्रियां मान्य हो जाएंगी।

प्रदेश में कुल मदरसे - 178
वर्ष 2013 में 1605 छात्र पास
वर्ष 2014 में 2033 छात्र पास
वर्ष 2015 में 2369 छात्र पास 
वर्ष 2016 में 3885 छात्र पंजीकृत
मदरसों से डिग्रियां ले चुके कुल छात्र- 6007|
अमर उजाला


See More

 
Top