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देहरादून  : 04 फरवरी , 2016

नेशनल ग्रिड में लोड बढ़ने पर बृहस्पतिवार को उत्तराखंड में विद्युत संकट गहरा गया। मांग और उपलब्धता में अंतर आने पर प्रदेश में विभिन्न जगह घंटों बिजली कटौती करनी पड़ी। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के अफसर कुछ लोड घटने पर डिस्पैच सेंटर से अधिक बिजली लेने की अनुमति लेने की कोशिश करते रहे।

बृहस्पतिवार को मांग बढ़ने की वजह से नेशनल ग्रिड में लोड बढ़ गया। लोड बढ़ने पर नार्दर्न रीजन लोड डिस्पैच सेंटर (एनआरएलडीसी) द्वारा उत्तर भारत के सभी राज्यों को अपना लोड कम करने के निर्देश दिए गए। राज्य की कुल विद्युत मांग तीन करोड़ 72 लाख 50 हजार यूनिट रही।

कई क्षेत्रों में कटौती
केंद्रीय पूल से आज उत्तराखंड को एक करोड़ 37 लाख 50 हजार यूनिट विद्युत उत्पादन मिला। राज्य के जल विद्युत गृहों में 80 लाख 90 हजार यूनिट बिजली प्राप्त हुई। यूपीसीएल ने हरियाणा से बैंकिंग से 200 मेगावाट बिजली लेनी भी जारी रखी।

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से भी अतिरिक्त बिजली खरीदकर मांग और उपलब्धता के अंतर को दूर करने का प्रयास किया गया। फिर भी राज्य के हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे तक की कटौती की गई। पर्वतीय क्षेत्रों और औद्योगिक एरिया में पांच घंटे तक की बिजली कटौती हुई।

यूपीसीएल के प्रवक्ता मधुसूदन ने बताया कि बिजली की कमी को देखते हुए यूपीसीएल ने आज (शुक्रवार) के लिए 50 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली की खरीद कर ली है। अमर उजाला




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